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15 हजार की नौकरी, 200 करोड़ की शादी!

<p><strong>&&num;8211&semi; महादेव ऐप के आरोपी की दौलत और नेटवर्क की कहानी<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>&&num;8211&semi; दुबई से चलता था सट्टे का खेल&excl;<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p><strong>नई दिल्ली &colon;-<&sol;strong> à¤•भी छत्तीसगढ़ के भिलाई में परिवार के जूस सेंटर पर महज 15 हजार रुपये महीने की नौकरी करने वाला सौरभ चंद्राकर आज देश के चर्चित ऑनलाइन सट्टा घोटाले के प्रमुख आरोपियों में शामिल है। महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए हजारों करोड़ रुपये का अवैध कारोबार खड़ा करने के आरोपों ने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है। उसकी 94&comma;400 करोड़ रुपये की संपत्ति&comma; दुबई में संचालित नेटवर्क और करीब 200 करोड़ रुपये के भव्य विवाह समारोह ने इस मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। सौरभ को ओमान से भारत लाए जाने के बाद मामले की जांच को नई गति मिलने की चर्चा है।<&sol;p>&NewLine;<p>जानकारी के अनुसार सौरभ चंद्राकर छत्तीसगढ़ के भिलाई का रहने वाला है। उसके पिता नगर निगम में लिपिक थे और परिवार का &&num;8216&semi;जूस फैक्टरी&&num;8217&semi; नाम से जूस का कारोबार था। सौरभ भी इसी दुकान पर काम करता था और उसे करीब 15 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था। कुछ वर्षों बाद उसका नाम महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के जरिए संचालित बड़े अवैध नेटवर्क से जुड़ गया।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>दुबई से चलता था सट्टे का नेटवर्क<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>प्रवर्तन निदेशालय &lpar;ईडी&rpar; की जांच के अनुसार&comma; महादेव ऑनलाइन बुक का मुख्य संचालन दुबई से किया जाता था। इस नेटवर्क में फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए अलग-अलग ऑपरेटरों को सट्टा पैनल उपलब्ध कराए जाते थे। जांच में भारत और संयुक्त अरब अमीरात में 3&comma;200 से अधिक बेटिंग पैनल सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है।<&sol;p>&NewLine;<p>स्थानीय ऑपरेटर ग्राहकों को बेटिंग आईडी उपलब्ध कराते थे&comma; जिसके माध्यम से क्रिकेट और अन्य खेलों पर ऑनलाइन सट्टा लगाया जाता था। दुबई स्थित मुख्य कार्यालय से ऑपरेटरों को मास्टर आईडी और पासवर्ड दिए जाते थे। जांच एजेंसियों के मुताबिक&comma; सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को फर्जी और दूसरे लोगों के नाम पर खोले गए बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर किया जाता था। इसके बाद हवाला सहित अन्य माध्यमों से रकम विदेश भेजे जाने का आरोप है। इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों की जांच की जा रही है।<&sol;p>&NewLine;<p><strong>200 करोड़ की शादी ने खींचा था ध्यान<&sol;strong><&sol;p>&NewLine;<p>सौरभ चंद्राकर की 200 करोड़ रुपये की भव्य शादी भी इस मामले में चर्चा का बड़ा विषय रही। दुबई में आयोजित इस समारोह में आलीशान इंतजाम और विदेशी कलाकारों की प्रस्तुतियों पर भारी खर्च किए जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद जांच एजेंसियों ने उसकी अवैध कमाई और संपत्तियों की पड़ताल तेज की।<&sol;p>&NewLine;<p>महज 15 हजार रुपये मासिक वेतन से शुरुआत करने वाले सौरभ चंद्राकर के नाम से जुड़ी 94&comma;400 करोड़ रुपये की संपत्ति का आंकड़ा चर्चा में है। हालांकि&comma; इस पूरी रकम को उसकी व्यक्तिगत और प्रमाणित संपत्ति मानना उचित नहीं होगा। जांच का मुख्य केंद्र महादेव ऐप के जरिए हुए कथित सट्टा कारोबार&comma; उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन और अपराध से अर्जित संपत्तियों का पता लगाना है। ओमान से भारत लाए जाने के बाद इस मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।<&sol;p>&NewLine;