– ईरान का अमेरिका पर मिसाइल हमले का आरोप
– हम स्कूलों को निशाना नहीं बनाते :US
अमेरिका-इजराइल :- अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज पांचवां दिन है। UN के मानवाधिकार कार्यालय ने ईरान में एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले की जांच कराने की मांग की है। इस हमले में 150 छात्राओं की मौत हुई थी। हालांकि, यह नहीं बताया गया कि उसके मुताबिक इस हमले के लिए कौन जिम्मेदार है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा है कि इस मामले की जल्द, निष्पक्ष और पूरी जांच होनी चाहिए। जिनेवा में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रवक्ता रवीना शमदासानी ने कहा कि जिस पक्ष ने हमला किया है, उसी की जिम्मेदारी है कि वह इसकी जांच करे और सच सामने लाए। उन्होंने इस घटना को बहुत डरावना बताया और कहा कि सोशल मीडिया पर जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे इस संघर्ष की तबाही और दर्द को दिखाती हैं। यह स्कूल दक्षिणी ईरान में है और उस पर शनिवार को हमला हुआ था। उसी दिन अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिकी सेना जानबूझकर किसी स्कूल को निशाना नहीं बनाती। वहीं इजराइल ने कहा है कि वह इस घटना की जांच कर रहा है।
जंग में अमेरिका के दावे…
ईरान के 17 जहाज तबाह कर दिए गए, जिनमें एक पनडुब्बी भी शामिल है।
इस ऑपरेशन में 50,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक शामिल हैं।
करीब 200 फाइटर जेट, दो एयरक्राफ्ट कैरियर और बम गिराने वाले विमान शामिल हैं।
ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइलें और ड्रोन को भारी नुकसान हुआ है।
अमेरिका ने इस जंग को एपिक फ्यूरी नाम दिया है। इसका मतलब भयंकर गुस्सा होता है।
इराक के एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला
एएफपी समाचार एजेंसी के मुताबिक इराक के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ड्रोन हमला हुआ। हालांकि, ड्रोन को मार गिराया गया है। यहां पहले अमेरिकी दूतावास के सहायता शिविर को निशाना बनाकर हमला किया गया था। एक सुरक्षा सूत्र ने बताया कि हमले में कोई हताहत या नुकसान नहीं हुआ। इराक के सुरक्षा मीडिया सेल के अनुसार, कल हवाई अड्डे के बाहरी इलाके में इसी तरह के एक ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया गया था, जिसके बाद यह घटना हुई है।