– नाबालिग का नाम आते ही पोक्सो की आहट
– बुजुर्ग डॉक्टर को फंसाने की साजिश, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था गिरोह
नागपुर :- एक बुजुर्ग डॉक्टर को हनी ट्रैप में फंसाकर 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने के मामले में नया मोड़ आ गया है. एक नाबालिग लडक़ी के शामिल होने की अफवाहों को देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पुलिस इस मामले में पोक्सो का मामला दर्ज कर सकती है.अश्विन विनोद धनविजय (39), निवासी चंद्रमणि नगर, 9 एकड़, जयभीम सहकारी समिति, विहार के पास, अजनी, नितिन सुखदेव कांबले (38), निवासी चंद्रमणि नगर, विहार के पास, अजनी, कुणाल प्रकाश पुरी (42), निवासी चंद्रनगर, पुराने निगम स्कूल के पास, अजनी, रितेश उर्फ पप्पू मनोहर दुरुगकर (41), निवासी मनीषनगर, बेलतरोड़ी, रविकांत कांबले निवासी दिघोरी, आशीष मधुकर कवाडे (36), निवासी गोंदिया, आशीष हेमराज साखरे (35), गोंदिया एवं आरोपियों के अन्य नाम भी हैं.
इनमें चार महिला आरोपी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य फरार हैं. आरोपी अश्विन धनविजय ने अपने साथियों के साथ मिलकर हनी ट्रैपिंग का एक गिरोह बनाया. उसने कई युवतियों को पैसे का लालच देकर अपने गिरोह में शामिल किया. यह गिरोह गुप्त रूप से उस व्यक्ति पर नजर रखता था और उसे अकेले में फोन करता था.
पोक्सो एंगल से पुलिस की गहन जांच शुरू
वहां वे गुप्त रूप से उस व्यक्ति और महिलाओं के बीच की बातचीत का वीडियो बनाते थे और फिर उसे धमकाकर पैसे वसूलते थे. हालांकि, इस मामले में 15 वर्षीय लडक़ी के नाम को लेकर उठे विवाद ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर यह मामला क्या है और इस नाबालिग लडक़ी का ‘हनी ट्रैप’ मामले से क्या संबंध है. इसलिए, तहसील पुलिस द्वारा की जा रही गहन जांच पर सभी का ध्यान केंद्रित हो गया है.




