– कस्टम अधिकारी बनकर भी मांगे पैसे,गुजरात के 7 आरोपी गिरफ्तार
नागपुर :- ऑनलाइन शादी का झांसा देकर महिला से करीब 20 लाख रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का क्राइम ब्रांच यूनिट-3 और साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में गुजरात निवासी सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चारपहिया वाहन, दुपहिया वाहन, आठ मोबाइल फोन और नकदी समेत करीब 18 लाख 45 हजार रुपये का माल जब्त किया है। पुलिस को गिरोह के दुबई हवाला कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है।
गणेशपेठ पुलिस थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, 50 वर्षीय महिला की व्हाट्सऐप के जरिए एक व्यक्ति से पहचान हुई थी। आरोपी ने खुद को विदेश में रहने वाला कारोबारी बताते हुए महिला से शादी करने का झांसा दिया। उसने सोने के कारोबार और विदेश में कपड़ों के व्यवसाय से जुड़े होने का दावा किया। बातचीत के दौरान आरोपी ने व्हाट्सऐप कॉल पर महिला को विदेश में अपना घर भी दिखाया और भारत आकर शादी करने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने महिला को बताया कि वह भारत आ रहा है और अपने साथ करीब 70 तोला सोना तथा विदेशी मुद्रा ला रहा है। कुछ समय बाद महिला को फोन कर बताया गया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने उसे रोक लिया है। कस्टम प्रक्रिया पूरी कराने और उसे छुड़ाने के नाम पर महिला से अलग-अलग किस्तों में रकम ट्रांसफर कराई गई। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान कस्टम अधिकारी बनकर भी महिला को फोन किए गए और अलग-अलग बहाने बनाकर रकम मांगी गई। इस तरह महिला से करीब 20 लाख रुपये की कथित ठगी की गई। जब आरोपियों ने 25 लाख रुपये और देने की मांग की, तब महिला को पूरे मामले पर संदेह हुआ और उसने गणेशपेठ पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-3 और साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के आधार पर गुजरात से सात आरोपियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में जयेश अमृत ठाकुर, यशपाल आम सिंह चौहान, कुलदीप सिंह जडेजा, राजेंद्र सिंह राणाजी बाघेला, नरपत बाबु सिंह, उपेंद्र नागजीभाई जोशी और भानु सिंह जसवंत सिंह वाघेला शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक चारपहिया और दुपहिया वाहन, आठ मोबाइल फोन और 15 हजार रुपये नकद समेत कुल 18.45 लाख रुपये का माल जब्त किया है। जांच के दौरान गिरोह के एक अन्य सदस्य के मुंबई में होने की जानकारी सामने आई है, जिसके बाद उसे पकड़ने के लिए पुलिस टीम रवाना की गई है। पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह किसी बड़े अंतर राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।


