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9 महीनों में 35 करोड़ की बिजली चोरी उजागर, विदर्भ में फ्लाइंग स्क्वाड का बड़ा एक्शन  

– 2,214 उपभोक्ता सीधे बिजली चोरी करते पकड़े गए, 308 पर आपराधिक मामले दर्ज

– महावितरण की सख्ती: बिजली चोरों से 31 करोड़ की रिकॉर्ड वसूली

नागपुर :- महावितरण के सुरक्षा एवं प्रवर्तन विभाग के अंतर्गत कार्यरत फ्लाइंग स्क्वाड ने नागपुर प्रादेशिक विभाग (विदर्भ) में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया है. अप्रैल से दिसंबर 2०25 तक मात्र नौ महीनों में विभाग ने लगभग 35.95 करोड़ रुपये की बिजली चोरी और अनियमितताओं को उजागर किया है और 3०8 उपभोक्ताओं के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं.

2,214 स्थानों पर प्रत्यक्ष चोरी इस तरह है. इन नौ महीनों के दौरान फ्लाइंग स्क्वाड ने विदर्भ में कुल 7,771 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शनों का गहन निरीक्षण किया. इसमें घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक सहित सभी प्रकार के उपभोक्ता शामिल थे. इस निरीक्षण अभियान से एक चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई है, जिसमें पता चला है कि 2,214 उपभोक्ता सीधे तौर पर बिजली चोरी कर रहे थे. इन चोरों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2००3 की संशोधित धारा 135 के तहत सख्त कार्रवाई की गई है. इस एक धारा के तहत 25.43 करोड़ रुपये की बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं. धारा 126 के तहत अनियमितताओं पर भी कार्रवाई की जा रही है.

प्रत्यक्ष बिजली चोरी के अलावा, महावितरण ने उन उपभोक्ताओं पर भी ध्यान केंद्रित किया है जो अनुमत सीमा से अधिक बिजली का उपयोग कर रहे हैं या अनधिकृत उपयोग कर रहे हैं. विद्युत अधिनियम 2००3 की धारा 126 के तहत कुल 89० मामलों में 1०.52 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं. बिजली चोरी और अनियमितताओं दोनों के लिए कुल 35.95 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इनमें से महावितरण ने संबंधित ग्राहकों से रिकॉर्ड 31.०3 करोड़ रुपये वसूल किए हैं.

चोरी की रकम और जुर्माना न भरने वाले ग्राहकों के खिलाफ महावितरण ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है. नागपुर क्षेत्र के विभिन्न पुलिस थानों में बिजली उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के कुल 3०8 मामले दर्ज किए गए हैं. इस कार्रवाई से महावितरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिजली चोरी न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि एक आपराधिक अपराध भी है.

कंपनी का सुरक्षा एवं प्रवर्तन विभाग महावितरण को वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है. यह पूरी व्यवस्था मुंबई के कार्यकारी संचालक (सुरक्षा एवं प्रवर्तन) की देखरेख में चल रही है. नागपुर प्रादेशिक विभाग ने इस कार्य की सुविचारित योजना बनाई है और विभाग स्तर पर 12 विशेष फ्लाइंग स्क्वाड, संभागीय स्तर पर 3 मुख्य फ्लाइंग स्क्वाड तथा नागपुर और अकोला सर्किलों में अलग-अलग सुरक्षा एवं प्रवर्तन कार्यालय स्थापित किए हैं. ये स्क्वाड अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं और बिजली के संदिग्ध उपयोग की सूचना मिलते ही तत्काल छापेमारी करते हैं.

बिजली चोरी एक सामाजिक अपराध है. इससे बिजली वितरण में बाधा बढ़ती है और अंतत: आम उपभोक्ताओं पर बोझ पड़ता है. महावितरण ने जनता से इसे रोकने में सहयोग करने की अपील की है. अपने क्षेत्र में बिजली चोरी की जानकारी स्थानीय पुलिस दस्ते या निकटतम महावितरण कार्यालय को दें. सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है और महावितरण द्वारा उसे उचित इनाम से सम्मानित किया जाता है.

बिजली चोरी पर करारा प्रहार, नागपुर–विदर्भ में विशेष अभियान तेज

महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध संचालक लोकेश चंद्र, कार्यकारी संचालक (सुरक्षा एवं प्रवर्तन) अपर्णा गीते (महासंचालक मंडल सचिव) और नागपुर क्षेत्र के उप संचालक सुनील थापेकर के मार्गदर्शन में बिजली चोरी के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है. विभाग ने अपील की है कि नागरिक धोखाधड़ी के माध्यम से बिजली का उपयोग न करें, बल्कि केवल आधिकारिक बिजली कनेक्शनों के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और महावितरण में सहयोग करें. विभाग ने संकेत दिया है कि बिजली चोरों के खिलाफ इस अभियान को और तेज किया जाएगा.

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