– प्रशासन की लापरवाही से बढ़ी परेशानी
यासीन शेख, गोंदिया सड़क-अर्जुनी :- तालुका अंतर्गत तलाठी साझा क्रमांक 9 में आने वाले खजरी, डोंगरगांव और कोहळीटोला क्षेत्र के वनपट्टा धारक किसानों पर इस वर्ष बड़ा संकट आ गया है। कुल 74 वनपट्टा धारक किसानों में से लगभग 70 किसान ई-पीक पाहणी की तकनीकी समस्या के कारण धान बिक्री से वंचित रह गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर समय पर जानकारी न मिलने से इन किसानों की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है, जिससे क्षेत्र में तीव्र नाराजगी व्यक्त की जा रही है।
हर वर्ष की तरह यहां के किसान तलाठी कार्यालय से धान फसल का प्रमाणपत्र लेकर आदिवासी विविध कार्यकारी सहकारी संस्था, खजरी में धान बेचने पहुंचे थे। लेकिन इस वर्ष शासन द्वारा वनपट्टा प्राप्त 7/12 पर “ई-पीक पाहणी” (डिजिटल नोंद) अनिवार्य कर दी गई थी। हैरानी की बात यह है कि खजरी के तलाठी कार्यालय ने इस महत्वपूर्ण बदलाव की कोई पूर्व सूचना किसानों को नहीं दी।
ग्राम पंचायत कार्यालय, चावडी या तलाठी कार्यालय में इस संबंध में कोई सूचना प्रदर्शित नहीं की गई थी। जानकारी के अभाव में किसानों ने ई-पीक पाहणी नहीं की, जिसके कारण अब वे धान बिक्री से वंचित हो गए हैं।
बोनस से भी वंचित रहने का खतरा
शासन द्वारा धान उत्पादक किसानों के लिए बोनस घोषित किए जाने की संभावना है। लेकिन जिन किसानों का धान शासकीय केंद्र पर नहीं बिकेगा, उन्हें इस बोनस का लाभ भी नहीं मिलेगा। एक ओर प्राकृतिक संकट और दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही के कारण यहां के आदिवासी किसान दोहरी मार झेल रहे हैं।
केंद्र पर उनका धान स्वीकार नहीं किया जा रहा है। किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मंत्री तथा विधायक राजकुमार बडोले ने तत्काल हस्तक्षेप किया है। उन्होंने जिल्हाधिकारी गोंदिया, उपविभागीय अधिकारी (अर्जुनी मोरगांव) तथा तहसीलदार को लिखित पत्र देकर इन 70 किसानों को विशेष छूट देकर धान खरीदी करने की मांग की है।
स्वयं किसानों ने भी जिल्हाधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी, लेकिन अभी तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि यदि तलाठी कार्यालय ने समय पर जानकारी दी होती, तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। “अगर हमारे मेहनत का धान सरकार ने नहीं खरीदा और हमें बोनस से वंचित रखा गया, तो हम सभी वनपट्टा धारक किसान सड़क पर उतरकर तीव्र आंदोलन करेंगे,” ऐसा चेतावनी खजरी क्षेत्र के किसान भाइयों ने दी है।








