– ‘नॉइज-फ्री नागपुर’ पोर्टल पर दो दिन में 9 शिकायतें दर्ज
– डीजे से ड्रिलिंग तक, दो दिन में 9 शिकायतें
– ‘नॉइज-फ्री नागपुर’ पोर्टल पर पांच थाना क्षेत्रों से पहुंचीं शिकायतें
– 92.4 डेसिबल तक दर्ज हुआ शोर
नागपुर :- डीजे और लाउडस्पीकर की तेज आवाज हो या निर्माण कार्य में चल रही ड्रिलिंग मशीन का शोर। नागपुर में ध्वनि प्रदूषण को लेकर नागरिक अब सीधे ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा रहे हैं। ‘नॉइज-फ्री नागपुर’ पोर्टल शुरू होने के महज दो दिनों में शहर के पांच पुलिस थाना क्षेत्रों से नौ शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें डीजे, लाउडस्पीकर, निर्माण कार्य और लोहे की सरिया काटने वाली मशीन से होने वाले शोर की शिकायतें शामिल हैं।
पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से स्पष्ट है कि शहर में ध्वनि प्रदूषण की समस्या केवल त्योहारों के दौरान बजने वाले डीजे और लाउडस्पीकर तक सीमित नहीं है। 4 सितंबर को कोतवाली थाना क्षेत्र से तीन शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें दो में तेज डीजे और उद्घोषणा की आवाज का उल्लेख था। इसी दिन अजनी थाना क्षेत्र से भी तेज लाउडस्पीकर को लेकर शिकायत दर्ज की गई। 5 सितंबर को सीताबर्डी थाना क्षेत्र से आवासीय इलाके में निर्माण स्थल से होने वाले शोर की शिकायत मिली। वहीं, बजाज नगर थाना क्षेत्र में तेज निर्माण कार्य और ड्रिलिंग की आवाज को लेकर नागरिक ने शिकायत दर्ज कराई। सदर थाना क्षेत्र में लोहे की सरिया काटने वाली मशीन से होने वाले शोर को लेकर शिकायत की गई। इससे साफ है कि व्यावसायिक और निर्माण गतिविधियों से होने वाला शोर भी शहरवासियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।

92.4 डेसिबल तक पहुंचा शोर
कोतवाली थाना क्षेत्र में डीजे के खिलाफ दर्ज एक शिकायत में शोर की तीव्रता 92.4 डेसिबल तक दर्ज हुई। 41 सेकंड की रिकॉर्डिंग के दौरान औसत ध्वनि स्तर 84.2 डेसिबल रहा। पोर्टल ने इसे गंभीर शोर स्तर बताते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की निर्धारित सीमा से अधिक बताया। यह शिकायत 4 सितंबर की रात करीब 9.41 बजे दर्ज की गई थी।शुरुआत में शिकायत संबंधित पुलिस थाने को भेजी गई। निर्धारित 30 मिनट की समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर शिकायत स्वतः एसीपी और उसके बाद डीसीपी स्तर तक एस्केलेट हो गई।
30 मिनट में कार्रवाई का प्रावधान
‘नॉइज-फ्री नागपुर’ पोर्टल को नागपुर महानगरपालिका और नागपुर पुलिस ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। यह व्यवस्था नागपुर खंडपीठ के निर्देशों के बाद लागू की गई है। पोर्टल को मनपा के आईटी अधिकारी स्वप्निल लोखंडे ने विकसित किया है। मनपा ने हाल ही में प्रत्येक स्तर पर शिकायत के निपटारे की समयसीमा तीन घंटे से घटाकर 30 मिनट कर दी है। शिकायत दर्ज होते ही उसे संबंधित क्षेत्र के पुलिस निरीक्षक के पास भेजा जाता है। समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर शिकायत अगले अधिकारी स्तर तक स्वतः पहुंच जाती है।
डीजे से लेकर पटाखों तक शिकायत की सुविधा:
नागरिक पोर्टल के माध्यम से डीजे, लाउडस्पीकर, सार्वजनिक कार्यक्रम, निर्माण एवं ड्रिलिंग, मशीनरी, जनरेटर, पटाखे, अनावश्यक हॉर्न तथा मॉडिफाइड साइलेंसर से होने वाले शोर की शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के साथ फोटो, वीडियो या ऑडियो रिकॉर्डिंग भी अपलोड की जा सकती है। इसके अलावा पोर्टल में लाइव डेसिबल मीटर की सुविधा भी उपलब्ध है। शिकायत दर्ज होने के बाद उसका समय, जीपीएस लोकेशन और कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड होती है। प्रत्येक शिकायत को एक संदर्भ क्रमांक दिया जाता है, जिसके माध्यम से नागरिक उसकी स्थिति और कार्रवाई की प्रगति देख सकते हैं।
गणेशोत्सव से पहले बढ़ी सक्रियता:
गणेशोत्सव और आगामी त्योहारी सीजन से पहले पोर्टल पर शिकायतों की शुरुआत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। त्योहारों के दौरान डीजे, लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि-वर्धक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ने से ध्वनि प्रदूषण की शिकायतें भी बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में ‘नॉइज-फ्री नागपुर’ पोर्टल नागरिकों को शोर के खिलाफ तत्काल शिकायत दर्ज कराने का एक सीधा माध्यम उपलब्ध करा रहा है।





