नागपुर : – श्री गणेश विसर्जन शोभायात्रा के दौरान खामला बस्ती के गुंडों ने दो लोगों पर जानलेवा हमला किया। इसमें किसी भी प्रकार का दोष न रखने वाले अजय लधाराम पंजवानी नामक युवक सहित एक अन्य युवक की जान लेने का प्रयास किया गया। इनमें से अजय पंजवानी पिछले दस दिनों से मौत से जूझ रहे हैं। घटना के तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, मगर अन्य पाँच आरोपी अब तक फरार हैं और पुलिस पर किसी का दबाव है क्या, यह सवाल गंभीर रूप से घायल अजय की बहन मोना पंजवानी ने उठाया है।
संक्षेप में घटना ऐसी है कि, खामला क्षेत्र में 7 सितंबर को गणेश विसर्जन शोभायात्रा निकली थी। इस शोभायात्रा में खामला बस्ती के कुछ गुंडे लाठियाँ, डंडे और हथियार लेकर शामिल थे। रात 11 से 12 के बीच अजय पंजवानी (37) यह लालवानी कैंप, खामला से प्रताप नगर चौक की ओर अपनी दोपहिया से जा रहे थे। उसी समय शोभायात्रा में शामिल आरोपी रोहित परते, सागर समुद्रे, राहुल समुद्रे, संदीप उर्फ गप्पू समुद्रे (सभी निवासी शिवनगर कॉलोनी, खामला), भरत कश्यप (निवासी व्यंकटेश कॉलोनी, खामला) के साथ समुद्रे गैंग के अन्य गुंडों ने अजय को रास्ते में रोका। ‘तू सिंधी है क्या?’ ऐसा पूछा। हाँ में उत्तर मिलते ही उसे लाठियों-डंडों से पीटना शुरू किया गया। अजय का किसी के साथ कोई आर्थिक व्यवहार न होते हुए भी बेवजह उसकी पिटाई की गई। इसमें अजय बेहोश हो गए। उसी दौरान वहाँ आए एक अन्य सिंधी युवक को भी जान से मारने का आदेश समुद्रे गैंग के एक ने दिया। उस पर तलवार चलाई गई। मगर उसने बचाव करते हुए भागकर जान बचाई। इसमें वह मामूली घायल हुआ।
गंभीर रूप से घायल अजय पंजवानी को पहले खामला स्थित लाइफ केयर अस्पताल और बाद में सी.ए. रोड स्थित रहाटे अस्पताल में दाखिल कराया गया। 7 सितंबर से वे आई.सी.यू. में हैं और मौत से जूझ रहे हैं।
इस मामले में हुई दो अलग-अलग शिकायतों के आधार पर राणा प्रतापनगर पुलिस ने अपराध दर्ज किए। आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार किया गया। मगर अन्य पाँच आरोपी अब तक फरार हैं और उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया, यह सवाल अजय पंजवानी की बहन मोनाने उठाया है।
अवैध साहूकारी से अपराध को बल : पीड़ितों का आरोप
सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में रहते हुए वकालत के पेशे के आड़ में अवैध साहूकारी करने वाले एक वकील दंपत्ति के कारण अनेक लोग परेशान हैं। हजार रुपये का कर्ज देकर लाखों की वसूली करने वाला शंकर उर्फ चिनू सुरेश लालवानी यह क्षेत्र के गुंडों को रसद उपलब्ध कराता है। इन गुंडों के भरोसे पर वह ब्याज की वसूली करता है। उसके बदले में इन गुंडों के केस लड़कर वह उन्हें बल देता है। इसी कारण उनकी हिम्मत बढ़ी है। इस अवैध साहूकारी करने वाले ‘आका’ पर पुलिस ने समय रहते अंकुश नहीं लगाया तो खामला क्षेत्र में अनेक लोगों की जान जाएगी, ऐसा गंभीर आरोप लालवानी की साहूकारी के जुल्म से तंग आकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले और उसमें बच गए नानक बक्शालाल तेजवानी सहित पीड़ित रोशन जयसिंघानी, गगन वर्मा ने लगाया है।
– तो बीड घटना की पुनरावृत्ति होगी
बीड जिले के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या का मामला खूब गूँजा। इस पूरे मामले में गिरफ्तार हुए गुंडों का ‘आका’ वाल्मिक कराड होने के कारण ही गुंडों की हिम्मत बढ़ी थी। नागपुर के खामला बस्ती के गुंडों का ‘आका’ वकालत पेशे में रहने वाला शंकर उर्फ चिनू सुरेश लालवानी है, ऐसा गंभीर आरोप लालवानी की साहूकारी के जुल्म से त्रस्त पीड़ित नागरिकों ने लगाया है। लालवानी ऐसे गुंडों के केस अपने हाथ में लेता है। खामला बस्ती के गुंडे जानबूझकर ऐसे मामले तय करके करते हैं। उनकी केस लालवानी अपने हाथ में लेकर जो पीड़ित होते हैं, उनके साथ ‘सेटलमेंट’ करता है। यह गोरखधंधा कई वर्षों से जारी है। इतना ही नहीं, वकालत के पेशे के आड़ में लालवानी अवैध साहूकारी का धंधा करता है। अनेक लोगों को वह 9 से 15 प्रतिशत ब्याज पर पैसे देता है। आर्थिक संकट में फँसे नागरिकों को ब्याज की रकम के लिए धमकाता है। उसकी इन धमकियों के कारण एक ने आत्महत्या की है और एक ने ज़हर पीकर आत्महत्या का प्रयास किया है। वकील होने के नाते उसकी पत्नी भी उसे इस गैरकृत्य में साथ देती है। विशेष बात यह है कि एक-दो बार उन्होंने अदालत में झूठा शपथपत्र पेश करके अदालत को ही गुमराह किया है, यह भी उजागर हुआ है। लालवानी दंपत्ति की अवैध साहूकारी के खिलाफ कुछ शिकायतें राणा प्रतापनगर पुलिस थाने में भी हुई हैं। मगर, कानून में गंभीर माने जाने वाले अवैध साहूकारी के मामले में राणा प्रतापनगर थाने की पुलिस गंभीर नहीं है, ऐसा आरोप आत्महत्या का प्रयास करने वाले नानक तेजवानी, रोशन जयसिंघानी (40) और गगन वर्मा, निवासी सिंधी कॉलोनी खामला ने किया है।
लालवानी के नेतृत्व में अवैध धंधे और गैरकृत्य करने वालों की यह श्रृंखला है और समय रहते पुलिस ने इस पर लगाम नहीं लगाई तो बीड जिले के संतोष देशमुख हत्याकांड जैसा प्रकरण होने में देर नहीं लगेगी, ऐसी आशंका भी पीड़ितों ने व्यक्त की है। समुद्रे गैंग पर अपहरण, हत्या, मारपीट जैसे अनेक गंभीर अपराध पहले से ही दर्ज हैं। लालवानी और समुद्रे गैंग यह सब संगठित रूप से कर रहे हैं। इन सब पर मोक्का लगाया जाए, अवैध साहूकारी करने वाले शंकर उर्फ चिनू सुरेश लालवानी के खिलाफ मौजूद शिकायतों की गंभीर दखल लेकर उसे गिरफ्तार किया जाए, समुद्रे गैंग का स्थायी तौर पर बंदोबस्त किया जाए, ऐसी माँग सभी पीड़ितों ने की है।




