– वरिष्ठ नागरिक परिसंघ, विदर्भ प्रदेश का एक दिवसीय तृतीय त्रैवार्षिक अधिवेशन संपन्न।
नागपुर :- वरिष्ठ नागरिकों को अपने पूरे परिवार और पोते-पोतियों के साथ संवाद करना चाहिए। आजकल मोबाइल युग में आपसी संवाद बहुत कम हो गया है। एक ही घर के सदस्य, एक ही घर में रहकर भी मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। इसलिए आपसी संवाद बहुत आवश्यक है। दिन में कम से कम एक बार सभी को एक साथ बैठकर रात्रि भोजन करना चाहिए और उस समय घर-परिवार, बाहर की घटनाएँ, देश-विदेश के विषयों पर चर्चा होनी चाहिए। भोजन से पहले सभी मिलकर छोटी सी प्रार्थना करनी चाहिए, भोजन मंत्र बोलना चाहिए। सप्ताह में एक-दो बार कम से कम दस-पंद्रह मिनट कोई खेल खेलना चाहिए, जिससे मनोरंजन के साथ मस्तिष्क को भी गति मिले।
स्वतंत्रता से पहले 1200 वर्षों तक हमारे देश ने संघर्ष का काल देखा। अनेक संस्कृतियों ने हमारी संस्कृति पर आक्रमण किए और हम पर कई संस्कृतियाँ थोपी गईं। वे संस्कृतियाँ नष्ट हो गईं, लेकिन हिंदू संस्कृति आज भी कायम है। इसके लिए तीन पीढ़ियों का नेतृत्व करने वाले वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक दायित्व की भूमिका निभानी चाहिए, ऐसा मार्गदर्शन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विदर्भ प्रांत संघचालक राम हरकरे ने दिया। वे विदर्भ प्रदेश वरिष्ठ नागरिक परिसंघ की ओर से आयोजित एक दिवसीय तृतीय त्रैवार्षिक अधिवेशन के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
आज धंतोली, नागपुर स्थित देवी अहिल्याबाई मंदिर के सभागृह में विदर्भ प्रदेश त्रैवार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष रवी गाडे ने की। मंच पर वरिष्ठ नागरिक परिसंघ के राष्ट्रीय महामंत्री चंद्रकांत देशपांडे, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व विदर्भ प्रांत संघचालक राम हरकरे, महामंत्री सुधीर डबीर और संगठन मंत्री शंकर पहाडे उपस्थित थे।
वरिष्ठ नागरिक परिसंघ के राष्ट्रीय महामंत्री चंद्रकांत देशपांडे ने अपने भाषण में कहा कि 2015 में भारतीय मजदूर संघ की भोपाल केंद्रीय कार्यसमिति में निर्णय लिया गया कि वरिष्ठ नागरिकों का स्वतंत्र संगठन होना चाहिए। इसके अनुसार 7 फरवरी 2015 को साठ वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए वरिष्ठ नागरिक परिसंघ की स्थापना की गई। विदर्भ प्रदेश में 2017 में इस संगठन का कार्य प्रारंभ हुआ। इसी प्रकार अन्य प्रदेशों में भी कार्य शुरू हुआ। वर्तमान में देश के लगभग 22 प्रांतों में वरिष्ठ नागरिक परिसंघ सक्रिय है। विदर्भ प्रदेश वरिष्ठ नागरिक परिसंघ में अब तक 370 आजीवन सदस्य जुड़े हैं। वरिष्ठ नागरिक अपने स्वास्थ्य को अच्छा रखते हुए परिवार और समाज में अपने ज्ञान का उपयोग कैसे हो, इस दृष्टि से परिसंघ द्वारा प्रयास किए जाते हैं, ऐसा भी अखिल भारतीय महामंत्री चंद्रकांत देशपांडे ने कहा।
ठराव एवं चर्चा :-विदर्भ प्रदेश की ओर से वरिष्ठ नागरिक परिसंघ के माध्यम से केंद्र सरकार को निम्नलिखित मांगपत्र भेजा गया -1. वरिष्ठ नागरिकों को रेलवे यात्रा भाड़े में मिलने वाली छूट कोरोना काल में बंद कर दी गई थी। अब कोरोना पूरी तरह नियंत्रण में है, फिर भी वह छूट बहाल नहीं की गई है। उसे तुरंत पूर्ववत किया जाए। 2… महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई है। सरकार को इसकी गंभीरता से दखल लेने की आवश्यकता है। 3. EPS 95 पेंशन योजना के अंतर्गत लाखों वरिष्ठ नागरिकों को 1000 रुपये या उससे भी कम मासिक पेंशन मिल रही है, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय है। इसमें तुरंत आमूलचूल बदलाव की आवश्यकता है। सातवें वेतन आयोग ने न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये देने की सिफारिश की है। केंद्र सरकार को इसका भी विचार करना चाहिए।4. राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 65 वर्ष से ऊपर के नागरिकों को प्रति माह केवल 600 रुपये पेंशन दी जा रही है। यह योजना तहसील स्तर पर तहसीलदार के माध्यम से लागू की जानी चाहिए।*
कार्यक्रम का संचालन शंकर पहाडे ने किया। प्रास्ताविक और महामंत्री अहवाल वाचन सुधीर डबीर ने किया। अध्यक्षीय भाषण और आभार प्रदर्शन विदर्भ प्रदेश अध्यक्ष रवी गाडे ने किया।
इस अधिवेशन में पूरे विदर्भ से बड़ी संख्या में सदस्य, कार्यकर्ता और महिला पदाधिकारी उपस्थित थे।




