नागपुर मध्यवर्ती कारागृह में दिवाली मेळावा

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– दीयों से सजा जेल परिसर, कैदियों ने दिखाई रचनात्मकता और उम्मीद की नई किरण

– कांचन गडकरी ने किया मेले का उद्घाटन, कहा – यह पहल पुनर्वास की दिशा में सार्थक कदम

नागपुर :- नागपुर के मध्यवर्ती कारागृह में इस वर्ष दिवाली के अवसर पर एक विशेष ‘दिवाली मेळावा’ आयोजित किया गया, जिसने जेल परिसर को उत्सव और रचनात्मकता के रंगों से भर दिया। इस मेले में बंदियों द्वारा स्वयं बनाए गए दीये, सजावटी वस्तुएँ, मिठाइयाँ, मोमबत्तियाँ, ग्रीटिंग कार्ड, उपहार सामग्री और हस्तनिर्मित सामान प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम के दौरान इन उत्पादों की बिक्री के लिए एक विशेष केंद्र का भी उद्घाटन किया गया, जिससे बंदियों को अपने कौशल के प्रदर्शन के साथ-साथ आर्थिक प्रोत्साहन भी मिला। इस अवसर पर कार्यक्रम की प्रमुख अतिथि के रूप में कांचन गडकरी उपस्थित रहीं। उन्होंने बंदियों की मेहनत और रचनात्मकता की सराहना करते हुए कहा कि, “यह पहल सिर्फ एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और पुनर्वास की दिशा में एक सार्थक कदम है। मेले में महिला बंदियों की सक्रिय भागीदारी देखने लायक रही। उन्होंने मेहंदी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जो ‘खासदार सांस्कृतिक महोत्सव’ का हिस्सा थी। इस मौके पर जेल प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं ने भी बंदियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

जेल अधीक्षक ने बताया कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य बंदियों की कला और कौशल को निखारना, उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना, और रिहाई के बाद स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करना है।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और अतिथियों ने यह भी कहा कि इस प्रकार की पहल से न केवल बंदियों के मनोबल में वृद्धि होती है, बल्कि समाज में भी यह संदेश जाता है कि हर व्यक्ति को सुधार और पुनर्वास का अवसर मिलना चाहिए। दिवाली मेळावा ने न केवल कारागृह में उत्सव का माहौल बनाया, बल्कि यह भी साबित किया कि रचनात्मकता और सकारात्मक सोच किसी भी परिस्थिति में जीवन को नई दिशा दे सकती है।