बेशर्मी देखनी हो तो मुख्यमंत्री को देखो” – वर्धा में सांसद अमर काले का तीखा हमला

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– काली दिवाली मनाकर महाविकास आघाड़ी का सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध

– नेपाल बनने की चेतावनी से सियासी हलचल तेज, धरने में उमड़े नेता और कार्यकर्ता

वर्धा :- महाविकास आघाड़ी ने जिला न्यायालय के सामने राज्य सरकार के विरोध में काली दिवाली मनाई। इस अवसर पर सांसद अमर काले ने मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासन पर कटाक्ष किया। इस अवसर पर आघाड़ी नेता अशोक शिंदे, अतुल वांडिले, शेखर शेंडे, मनोज चांदुरकर, डॉ. उदय मेघे, महेंद्र मुनेश्वर प्रवीण हिवारे और अन्य नेता उपस्थित थे। चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विरोध प्रदर्शन की शुरुआत की गई। दो घंटे तक धरना दिया गया। महाविकास आघाड़ी ने वर्धा जिला न्यायालय के सामने राज्य सरकार के विरोध में अनोखे ढंग से “काली दिवाली” मनाकर प्रदर्शन किया। यह आंदोलन राज्य सरकार की नीतियों और प्रशासनिक विफलताओं के खिलाफ किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को खास तौर पर निशाने पर लिया गया। प्रदर्शन की शुरुआत गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद, महाविकास आघाड़ी के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने दो घंटे का धरना दिया। इस दौरान नेताओं ने काले कपड़े पहनकर और काली पट्टियाँ बांधकर विरोध दर्ज कराया। इस विरोध प्रदर्शन की सबसे चर्चित टिप्पणी सांसद अमर काले की रही, जिन्होंने तीखे शब्दों में कहा “बेशर्मी देखनी है तो मुख्यमंत्री को देख लो, नेपाल बनने में देर नहीं लगेगी।”उनका यह बयान तेजी से चर्चा का विषय बन गया है और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

गांधी प्रतिमा के समक्ष दो घंटे का धरना

कार्यक्रम में आघाड़ी के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे जिनमें अशोक शिंदे, अतुल वांडिले, शेखर शेंडे, मनोज चांदुरकर, डॉ. उदय मेघे, महेंद्र मुनेश्वर और प्रवीण हिवारे प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी नेताओं ने एक स्वर में राज्य सरकार की आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक नीतियों की आलोचना की, साथ ही महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। नेताओं ने यह भी कहा कि आम जनता की परेशानियों को लेकर सरकार पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है, और दिवाली जैसे त्योहार में भी लोगों के चेहरे पर खुशी की जगह चिंता है।