अकोला :- दिवाली के त्योहार पर आसमान को रोशन करने वाले पटाखे सभी के लिए खास आकर्षण का केंद्र होते हैं। इस साल बाजार में तरह-तरह के नए पटाखे आ गए हैं। पटाखों की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी के बावजूद मांग बढ़ रही है। त्योहारों का राजा कही जाने वाली दिवाली शुरू हो गई है। खरीदारी के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है। दिवाली कहते ही पटाखे कहना लाजमी है। लोगों के उत्साह को देखते हुए, इस साल पटाखों की बिक्री बढ़ने की संभावना है और कारोबार भी अच्छा खासा है। थोक विक्रेताओं ने बताया कि इस साल विभिन्न प्रकार के पटाखों की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। तार बम, बुलेट बम, तोते, गुलनार आदि जैसी आवाज वाले पटाखों के साथ-साथ लोग फूल, पेड़, चक्र, रॉकेट, स्काई शॉट आदि भी खरीद रहे हैं। आसमान में उड़ने वाले पटाखों की खास मांग है। इस साल पटाखों की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई है। पटाखे बनाने के लिए बेरियम नाइट्रेट, अमोनियम नाइट्रेट, एल्युमीनियम पाउडर, कॉपर कोटेड तार, सल्फर, रद्दी कागज़, सुतली जैसे कच्चे माल का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें से कई वस्तुओं की कीमतें बढ़ गई हैं। इसके अलावा, मज़दूरों की बढ़ी हुई मज़दूरी, डीज़ल-पेट्रोल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी, परिवहन की बढ़ती लागत और बिजली की दरों में बढ़ोतरी के कारण पटाखों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। विक्रेताओं ने बताया कि गोला-बारूद और रसायनों की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण शिवकाशी से मंगवाए गए पटाखे बाज़ार में बढ़ी हुई कीमत पर आ गए हैं।


