– राजीव रंजन कुशवाहा
नागपुर: शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली ‘आपली बस सेवा’ बुधवार सुबह अचानक ठप हो गई, जब कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू किए जाने के बाद लगभग 430 बसें डिपो से बाहर नहीं निकल सकीं। इसके चलते लाखों यात्रियों—विशेषकर विद्यार्थी, नौकरीपेशा और वरिष्ठ नागरिकों—को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
NCP नेताओं पर अवैध हस्तक्षेप और दखल का आरोप
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक परिवहन विभाग और ऑपरेटर कंपनियों ने हड़ताल को “राजनीति से प्रेरित” बताते हुए आरोप लगाया कि NCP (राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी) से जुड़े कुछ नेता लगातार बस संचालन में अनधिकृत हस्तक्षेप कर रहे हैं।
ये नेता कर्मचारियों को भड़काकर बस संचालन रोकने का दबाव बना रहे हैं,
बार-बार बेबुनियाद आरोप लगाकर विभाग को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं,
और आगामी स्थानीय चुनावों के मद्देनज़र राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।
विभाग के अनुसार यह पहली घटना नहीं है।
दशहरे के आसपास हुए विरोध में भी NCP समर्थित यूनियनों की सक्रिय भूमिका दर्ज की गई थी, जब खापरी डिपो की करीब 70 बसें प्रभावित हुई थीं। हाल ही में भी NCP नेताओं—प्रशांत पवार, श्रीकांत शिवांक और श्रम सेल प्रमुख विवेक वानखेड़े के साथ बस चालकों की बैठक होने की जानकारी सामने आई थी।
यात्रियों पर सीधा प्रभाव: विद्यार्थियों की परीक्षाएँ प्रभावित, दफ्तरों में देरी
सुबह से ही शहर के बस स्टॉप यात्रियों से भरे दिखाई दिए, लेकिन बसें न आने सेविद्यार्थियों की प्रैक्टिकल और प्री-बोर्ड परीक्षाएँ प्रभावित हुईं,कई कर्मचारी देर से दफ्तर पहुँचे और आम यात्रियों को महँगे विकल्पों पर निर्भर होना पड़ा।
नागरिकों ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन को राजनीतिक विवादों में घसीटना जनहित के विरुद्ध है।
मनपा और ऑपरेटर की प्रतिक्रिया: सभी नियमों का पालन, हड़ताल अनावश्यक
नागपुर महानगरपालिका और सिटी बस ऑपरेटर कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि:वे सभी श्रम-नियमों और अनुबंध की शर्तों का पूर्ण पालन कर रहे हैं,कर्मचारियों की वास्तविक मांगों पर बातचीत पहले से जारी है,और सिटी बस सेवा को जल्द बहाल करने के लिए 24 घंटे प्रयास किए जा रहे हैं।मनपा ने कहा कि राजनीतिक दखल से सेवा बाधित होना गंभीर मुद्दा है और इसकी जांच की जा रही है।
जांच जारी, नागरिकों से वैकल्पिक व्यवस्था करने की अपील
प्रशासन ने बताया कि अवैध हस्तक्षेप, धमकियों और संचालन में बाधा डालने के मामलों पर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।दोषियों पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।जब तक स्थिति पूर्णतः सामान्य नहीं होती, मनपा ने नागरिकों से वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था करने की अपील की है।