नागपुर :- विजय वडेट्टीवार ने कहा, मैं इस बात की जांच कर रहा हूं कि हैदराबाद गजेटियर से मराठा समुदाय को लाभ हुआ है या नहीं। लेकिन अगर सरकार ने मनोज जरंगे को अपना आंदोलन समाप्त करने के लिए सिर्फ उकसाया है, तो यह बहुत खतरनाक है। सरकार एक तरफ मराठा समुदाय और दूसरी तरफ ओबीसी को भड़काकर खुद ही अपना नुकसान कर रही है। मराठा समुदाय के कई लोगों को ओबीसी प्रमाणपत्र मिले हैं। जिला परिषद और नगर निगम चुनावों के बाद आपको इसके परिणाम देखने को मिलेंगे। आज यह कहने की जरूरत नहीं है कि ओबीसी समुदाय का मूल हिस्सा किसने छीना है। मैं इस बारे में चुनाव के बाद बात करूंगा। लेकिन अगर हैदराबाद गजेटियर लागू होने के बाद भी मराठा समुदाय को लाभ नहीं मिलता है, तो जनता सोचेगी कि यह सरकार की गलती है या जरंगे की।
विजय वडेट्टीवार ने महायुति पर वोट में धांधली का आरोप लगाया
विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए विजय वडेट्टीवार ने कहा, “महायुति के लोग जानते हैं कि राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव उनके खिलाफ गए हैं। इसलिए, लोगों के वोटों को अपनी ओर मोड़ने के लिए चुनाव परिणामों को स्थगित किया गया है। चंद्रशेखर बावनकुले चुनाव से पहले ही कह रहे हैं कि हम इतनी सीटें जीतेंगे। वे किस आधार पर ऐसा कह रहे हैं? इसका मतलब है कि यह सब वोटों की चोरी का एक रूप है।”
महायुति सरकार किसानों के पक्ष में नहीं है : दानवे
शिवसेना के विधायक और विधानसभा में पूर्व विपक्ष नेता अंबदास दानवे ने आज दावा किया कि महायुति सरकार किसानों के खिलाफ है। सरकार खुद कह रही है कि भारी बारिश के बाद घोषित 32 हजार करोड़ रुपये के ‘ऐतिहासिक’ पैकेज में से केवल 14 हजार करोड़ रुपये ही वितरित किए गए हैं, जबकि दिवाली से पहले किसानों के खातों में यह राशि जमा करने का ढिंढोरा पीटा गया था। उन्होंने कहा कि यह महायुति सरकार किसानों के हित में नहीं है, यह बात मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा कल जारी किए गए आंकड़ों से स्पष्ट है।








