– जोन कार्यालयों की जगह मुख्यालय में दस्तावेज़ : उम्मीदवार घंटों कतार में खड़े
नागपुर :- मनपा चुनाव प्रचार शुरू हो चुका है और सभी राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इच्छुक उम्मीदवारों ने दस्तावेज जुटाना शुरू कर दिया है. हालांकि, मनपा चुनाव विभाग ने उम्मीदवारों के लिए आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था जोनवार करने के बजाय सिविल लाइंस स्थित मनपा मुख्यालय में एक ही स्थान पर कर दी है, जिससे यहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी है. चूंकि इच्छुक उम्मीदवारों को प्रत्येक दस्तावेज के लिए शुल्क चुकाने के बाद भी दो-तीन दिन तक भटकना पड़ रहा है, उनका कहना है किमनपा की एक खिडक़ी वाली योजना विफल हो गई है. भीड़ से यह स्पष्ट हुआ है.
एक ओर तो यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या स्वतंत्र उम्मीदवारों को इस निर्वाचन क्षेत्र में, इसकी नई विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए, प्रचार करना चाहिए या उन्हें यहां प्रत्येक दस्तावेज के लिए संघर्ष करना चाहिए और यह उम्मीदवारों के खिलाफ अन्याय और उत्पीडऩ का एक रूप है.
सिद्धार्थ बंसोडे, शुभम दमाले और प्रशिक वाहने ने प्रियदर्शी सम्राट अशोक बहुउद्देशीय संगठन की ओर से आरोप लगाया है. मनपा के 1० जोन और 38 प्रभाग हैं. गौरतलब है कि शहर में 24 लाख से अधिक मतदाता हैं. प्रत्येक पक्ष के साथ हजारों साक्षात्कार किए गए. इसलिए, जहां एक ओर दस्तावेजों के लिए भीड़भाड़ की आशंका है, वहीं मनपा केकामकाज में आई बाधाओं के कारण उम्मीदवारों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. उम्मीदवारों ने मनपा चुनाव विभाग के कुप्रबंधन की कड़ी निंदा की.
सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, 2०17 के मनपा चुनावों की पूरी प्रक्रिया जोन स्तर पर हुई थी. उस समय, संपत्ति कर और जल कर के पूर्ण भुगतान का ‘नो ड्यू’ प्रमाण पत्र, मतदाता सूची की प्रति (उम्मीदवारों, नामांकित व्यक्तियों, समर्थकों के लिए आवश्यक), विज्ञापन परमिट, बैठक परमिट, वाहन परमिट, रैली परमिट आदि जैसे दस्तावेज जोन-वार उपलब्ध कराए गए थे. हालांकि, इस वर्ष भी, सभी व्यवस्थाएं की गई हैं.
मनपा प्रशासन अपने प्रेस विज्ञप्ति में दावा कर रहा है कि चुनाव प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है. हालांकि, वास्तविकता भयावह है और सवाल यह उठता है कि समय बीतने के बाद भी काम जारी रहेगा या नहीं. आरोप लगाया जा रहा है कि प्रशासन किसी के निर्देश पर काम कर रहा है.
दस्तावेजों का संग्रह मनपा जोन कार्यालय के बजाय सिविल लाइंस स्थित मनप मुख्यालय में केंद्रित कर दिया गया है. इसकेकारण यहां भीड़ बढ़ गई है. दस्तावेजों के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान करने के बाद भी उम्मीदवारों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है. उन्हें सुबह से शाम तक कतारों में खड़ा किया जा रहा है, जिससे शारीरिक और मानसिक परेशानी हो रही है. समय की बर्बादी के कारण उम्मीदवारों को अन्य दस्तावेज एकत्र करने और तैयार करने में कठिनाई हो रही है.
दस्तावेज़ों के लिए जूझते रहे प्रत्याशी
निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार भी प्रभावित हुआ है. ऐसे नगर निगम में कुप्रबंधन के कारण उम्मीदवार मतदाताओं तक पहुंचने में विफल हो रहे हैं. आरोप है कि अन्य दलों के उम्मीदवारों को दो दिनों तक देर रात तक अपने-अपने काम में व्यस्त रखने के पीछे एक बड़ी साजिश है. इसलिए, उम्मीदवार और सामाजिक कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि मनपा चुनाव की पूरी प्रक्रिया जोन स्तर पर लागू की जाए. सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करता है तो वे कड़ा आंदोलन करेंगे.








