पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ का शिकार

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– 6 को कठोर कारावास

नागपुर :- वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा फैसला सुनाते हुए रामटेक न्यायालय ने पेंच टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकार के मामले में शामिल 6 आरोपियों को कड़ी सजा सुनाई है. यह मामला जनवरी 2023 में ‘पवनी’ वन क्षेत्र के अंतर्गत बाघ को बिजली का करंट लगाकर शिकार करने से संबंधित था. 30 जनवरी 2026 को प्रथम श्रेणी न्याय दंडाधिकारी रामटेक वी.सी. वोरानी ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषियों को सजा सुनाई. यह घटना 12 जनवरी 2023 को घटित हुई थी. तत्कालीन क्षेत्र निदेशक ए. लक्ष्मी और डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी जयेश तायडे और सहायक वन संरक्षक अतुल देवकर ने मामले की जांच पूरी कर समय सीमा के भीतर अदालत में चार्जशीट पेश की थी. बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने इस मामले का निपटारा निर्धारित समय में करने का आदेश दिया था. पेंचके उप-निदेशक अक्षय गजभिये और सहायक वन संरक्षक पूजा लिमगांवकर के नेतृत्व में लोमेश ठाकरे ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की. सरकारी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन भांडेकर और उनके सहयोगियों ने अदालत में मजबूती से पक्ष रखा. इस मामले में 5 मुख्य आरोपियों को 3 साल का सश्रम कारावास और 15,000 रुपये जुर्माना, जुर्माना न भरने पर 9 महीने की अतिरिक्त कैद तथा 2 साल की साधारण कैद व 2,500 रुपये जुर्माने की सजा दी गई है. उसी प्रकार एक अन्य आरोपी को 2 साल की साधारण कैद और 2,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है. न्यायालय ने इस मामले में 10 गवाहों के बयान, 113 दस्तावेजी प्रमाण और 37 भौतिक साक्ष्यों की गहन जांच के बाद यह फैसला सुनाया.