– घोटी में अवैध उत्खनन के दो मामले उजागर, महसूल विभाग की भूमिका संदिग्ध
– गोरेगांव पुलिस थाने में दो प्रकरण दर्ज
यासीन शेख, गोंदिया गोरेगांव :- गोरेगांव तहसील के ग्राम घोटी में अवैध मुरूम उत्खनन को लेकर मुरूम माफियाओं की दबंगशाही खुलेआम देखने को मिल रही है। 6 फरवरी को घोटी–महसगांव मार्ग स्थित एक पट्टे की जमीन पर बिना किसी अनुमति के खेत मालिक की जमीन से मुरूम का अवैध उत्खनन कर परिवहन किया गया। इस दौरान खेत में बने धूरे भी मुरूम माफियाओं द्वारा तोड़ दिए गए।
इस अवैध गतिविधि का विरोध करने पर खेत मालिक के साथ मारपीट की गई। इस संबंध में पीड़ित खेत मालिक सचिन नामदेव कतलाम ने गोरेगांव पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
चिंताजनक बात यह है कि मामले की जानकारी मिलने के बावजूद भी महसूल विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है। क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन के मामलों में वृद्धि हो रही है और स्थानीय स्तर पर यह चर्चा आम है कि यह सब महसूल विभाग के कथित आशीर्वाद से चल रहा है।
6 फरवरी को गोरेगांव पुलिस स्टेशन में इस तरह के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए।
पहले मामले में सचिन नामदेव कतलाम ने उनके साथ हुई मारपीट की शिकायत दर्ज कराई, जबकि दूसरे मामले में छन्नूलाल भोला पटले, निवासी गहेलाटोला, ने बिना अनुमति उनके खेत से मुरूम परिवहन किए जाने की शिकायत की है।
दोनों मामलों की सूचना तत्काल महसूल विभाग के अधिकारियों को दी गई थी, परंतु गोरेगांव महसूल विभाग द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण तक नहीं किया गया। केवल औपचारिकता निभाते हुए 6 फरवरी की शाम पंचनामा किया गया, जिसके बाद छुट्टियों का हवाला देकर कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस बीच मुरूम का अवैध परिवहन लगातार जारी है।
इस विषय में गोरेगांव के रेवनी केंद्रे ने बताया कि उन्हें घोटी में अवैध उत्खनन की जानकारी प्राप्त हुई है और संबंधित पटवारी को तत्काल मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं।








