spot_imgspot_img

Latest News

spot_img

Related Posts

4–5 साल के बाघ की रहस्यमयी मौत

– रिपोर्ट आने तक बना रहेगा सस्पेंस

अमरावती :- वरुड़ तहसील के जंगल क्षेत्र में 2 फरवरी को सड़ी-गली अवस्था में एक बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है. हालांकि यह बाघ प्राकृतिक कारणों से मरा या उसका शिकार किया गया, इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है. गंभीर बात यह है कि इस मामले में वन विभाग की ओर से भी गोपनीयता बरती जा रही है, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है. अमरावती वन विभाग के अंतर्गत आने वाले वरुड़ वनपरिक्षेत्र के वाई सर्कल, पंढरी बीट, खंड क्रमांक 1010 में यह बाघ 2 फरवरी 2026 की तड़के मृत अवस्था में पाया गया. पशुधन विकास अधिकारियों के अनुसार मृत बाघ की आयु लगभग 4 से 5 वर्ष बताई जा रही है. प्राथमिक जांच में अनुमान जताया गया है कि बाघ की मृत्यु 15 से 20 दिन पहले हुई होगी.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटनास्थल पर बाघ की खाल, प्रमुख अंग और बाल मौजूद नहीं थे. केवल कुछ सड़े हुए अवशेष ही पाए गए. इससे बाघ की अवैध शिकार के जरिए हत्या किए जाने की आशंका और मजबूत हो गई है. इसी पृष्ठभूमि में 3 फरवरी को बाघ के नमूने डीएनए जांच के लिए नागपुर स्थित शासकीय फॉरेंसिक प्रयोगशाला भेजे जाने की विश्वसनीय जानकारी सामने आई है. डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक थी या उसकी हत्या की गई.

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के अनुसार मृत बाघ का पोस्टमार्टम पशुधन विकास अधिकारियों की निगरानी में किया गया. इसके बाद घटनास्थल पर ही विधिवत अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान पशु चिकित्सक, डॉग स्क्वॉड, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि और मानद वन्यजीव रक्षक उपस्थित थे.

Popular Articles