– सेमिनरी हिल्स के गोंडवाना क्लब में जबरन बेदखली का मामला, पुलिस की भूमिका पर सवाल
नागपुर :- सेमिनरी हिल्स स्थित प्रतिष्ठित गोंडवाना क्लब में एक कैफे संचालक को वैध अनुबंध होने के बावजूद जबरन बाहर निकालने का गंभीर मामला सामने आया है. इस मामले पर संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने गोंडवाना क्लब और पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है. मारिया वाईओ साइरस चांग ने अदालत को बताया कि उन्होंने गोंडवाना क्लब में कैफे चलाने के लिए 5 साल का लिखित समझौता किया था. उन्होंने 2 साल तक कैफे का संचालन किया लेकिन जब अनुबंध के 3 साल अभी भी शेष थे तब क्लब प्रशासन ने अचानक उन्हें कैफे से बाहर कर दिया और प्रवेश पर रोक लगा दी.
पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप : याचिका में आरोप लगाया गया है कि गिट्टीखदान पुलिस ने बिना किसी अदालती आदेश या कानूनी प्रक्रिया के याचिकाकर्ता के कर्मचारियों को जबरन परिसर से बाहर निकाल दिया. याचिकाकर्ता का दावा है कि इस कार्रवाई में पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत है और पुलिस स्टेशन में शिकायत करने के बावजूद कोई संज्ञान नहीं लिया गया. न्या. अनिल पानसरे और न्या. निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने इस फौजदारी रिट याचिका पर सुनवाई की. अदालत ने याचिकाकर्ता को मामले से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज और सबूत पेश करने की अनुमति दी है, साथ ही गोंडवाना क्लब को इस मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल करने की मंजूरी दी गई है.