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अंबाझरी तालाब प्रदूषण पर बड़ी कार्रवाई : फुके के दबाव में एमपीसीबी का छापा

– नागपुर की जीवनरेखा पर गंदगी की मार : 7 कंपनियों को प्रदूषण नोटिस

– अपशिष्ट जल उपचार प्रणाली फेल, एमआईडीसी हिंगना की कंपनियां रडार पर

नागपुर :- अंबाझरी तालाब को प्रदूषण से बचाने के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. यह कार्रवाई विधायक परिणय फुके द्वारा की गई बार-बार की शिकायतों और उनके निरंतर सरकारी स्तर पर किए गए प्रयासों का परिणाम है. फुके ने तालाब में बढ़ते प्रदूषण, दूषित पानी, दुर्गंध और पर्यावरण पर इसके प्रतिकूल प्रभावों के मुद्दे को विधानसभा सत्रों के दौरान भी प्रमुखता से उठाया था. उनके इस कड़े रुख के बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल की एक विशेष टीम ने संबंधित कंपनियों का निरीक्षण किया. इस दौरान टीम ने विशेष रूप से क्या इन कंपनियों में अपशिष्ट जल उपचार प्रणाली कार्यरत है या नहीं, इसकी जांच की.

जांच में नियमों का उल्लंघन करने वाली एमआईडीसी हिंगना, नागपुर की कई प्रमुख कंपनियों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए हैं जिनमें मेसर्स एग्रो एनर्जी इंडस्ट्रीज, कटारिया एग्रो प्रा.लि., एसीसी लिमिटेड, आरडीसी कंक्रीट इंडिया प्रा.लि., एसएस इंफ्राटेक, गोल्ड क्रिएट इंफ्रा प्रोडक्ट्स और नागपुर एग्रो नामक कंपनी शामिल हैं. इन कंपनियों के खिलाफ अब दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.अंबाझरी तालाब में बढ़ते औद्योगिक और रासायनिक प्रदूषण, दूषित पानी, बदबू तथा पर्यावरण को हो रहे नुकसान को लेकर विधायक फुके ने बार-बार संबंधित विभागों का ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने विधानसभा सत्रों के दौरान भी यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया और दोषी कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एमपीसीबी ने तालाब के आसपास स्थित प्रदूषण फैलाने वाली कंपनियों की जांच शुरू की है। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों पर नोटिस जारी किए गए हैं और कुछ मामलों में कार्रवाई भी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अंबाझरी तालाब में गंदा पानी छोड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विधायक परिणय फुके ने कहा कि अंबाझरी तालाब नागपुर की जीवनरेखा है और इसके संरक्षण के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी कंपनी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा। इस कार्रवाई से पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों में संतोष का माहौल है और उम्मीद जताई जा रही है कि अंबाझरी तालाब को प्रदूषण से बचाने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम साबित होगा।

प्रदूषणकर्ताओं पर सख्त रुख

प्रदूषण विभाग की जांच में यह उजागर हुआ कि तालाब में औद्योगिक कचरा और सीवरेज मिलने से न केवल पर्यावरण और जलीय जीवन को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है. प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि अंबाझरी तालाब के संरक्षण और इसे प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी जारी रहेगी. इस मामले को और अधिक गंभीरता से लेते हुए फुके ने मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को भी पत्र लिखकर शासन स्तर से ठोस उपाय करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है.


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