– शेयर बाजार का सपना, ठगी की डरावनी हकीकत
नागपुर :- शेयर मार्केट में बड़े मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने दो लोगों को अपना शिकार बनाया। अलग-अलग मामलों में ठगों ने 65 लाख से अधिक की रकम हड़प ली। वॉट्स एप ग्रुप, फर्जी लिंक और नामी निवेश कंपनियों की नकली पहचान का सहारा लेकर ठगों ने पहले भरोसा जीता और फिर मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया। संबंधित थाने की पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिवक्ता को 49.59 लाख की चपत : पुलिस के अनुसार पहला मामला मानकापुर थाना क्षेत्र का है। एक 47 वर्षीय अधिवक्ता को गत 9 जनवरी को ’22 वीआईपी सर्विस ग्रुप’ नामक वॉट्स एप ग्रुप में जोड़ा गया। ग्रुप की प्रोफाइल पर अंग्रेजी में सुंदरम एम एम सी लिखा था, जिससे यह किसी जानी-मानी निवेश कंपनी से जुड़ा प्रतीत हो रहा था। ग्रुप में मौजूद अज्ञात लोगों ने शेयर बाजार में निवेश पर 10 से 15% मुनाफे का झांसा दिया। भरोसा बढ़ाने के लिए फर्जी दस्तावेज भेजे और अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा करने को कहा। झांसे में आकर अधिवक्ता ने 49 लाख 59 हजार रुपए ठगों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद न तो मुनाफा मिला और न ही संपर्क हो सका, तब ठगी का खुलासा हुआ। तब पीड़ित ने मानकापुर थाने में शिकायत की।
प्रकरण साइबर पुलिस थाने में दर्ज कराया गया है। एक 45 वर्षीय आयुध निर्माणी कर्मचारी को 15 लाख 39 हजार 107 रुपए की साइबर ठगों ने चपत लगा दी। आरोपियों ने खुद को एक्सिस सिक्योरिटीज लिमिटेड से जुड़ा बताकर वॉट्स एप कॉल और संदेश भेजे। इसके बाद फर्जी लिंक भेजकर एक्सिस डायरेक्ट प्लेटफॉर्म जैसा नकली निवेश एप दिखाया, जहां शेयरों की खरीद-बिक्री दर्शाकर भरोसा दिलाया गया। शिकायतकर्ता ने अपने और पत्नी के खातों से बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी। पुलिस के अनुसार दोनों ही मामलों में ठगों ने संगठित रूप से डिजिटल माध्यम का दुरुपयोग कर ठगी की। इस मामले में साइबर पुलिस ठगों के मोबाइल नंबर, बैंक खाते और लेन-देन की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि, निवेश से पहले किसी भी लिंक और ग्रुप की सत्यता अवश्य जांचें।