– कन्हान-कांद्री में गैस एजेंसियों की मनमानी
कन्हान :- कन्हान, कामठी और पारशिवनी तहसील के अंतर्गत आने वाले कन्हान, कांद्री, टेकाडी खदान और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रसोई गैस आपूर्ति को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. लगभग 3० हजार की विशाल आबादी वाले इस क्षेत्र में आज भी दशकों पुरानी दो ही एजेंसियां राज कर रही हैं. आश्चर्य की बात यह है कि जब ग्राम पंचायत को नगर परिषद का दर्जा मिल गया, आबादी कई गुना बढ़ गई, तो फिर नई गैस एजेंसियों का आवंटन क्यों नहीं किया गया?
पिछले 4०-5० वर्षों से कामठी की दो चुनिंदा एजेंसियों का ही इस पूरे क्षेत्र पर कब्जा है. स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पारशिवनी तहसील में स्वतंत्र एजेंसी न होने का फायदा उठाकर ये एजेंसियां अपनी मनमानी कर रही हैं. कन्हान जैसे बड़े व्यापारिक केंद्र में आपूर्ति विभाग केवल 1०-15 सिलेंडर भेजकर औपचारिकता पूरी कर लेता है. क्या सरकार और प्रशासन को इस बात की खबर नहीं है, या जानबूझकर आंखें मूंद ली गई हैं?
क्षेत्र के नागरिकों ने रोष व्यक्त करते हुए पूछा है कि क्या जिले के पालकमंत्री और संबंधित विभाग इस समस्या से अनभिज्ञ हैं? जब क्षेत्र का विस्तार हो रहा है, तो नई सुविधाएं क्यों नहीं दी जा रही हैं? कन्हान और आसपास के गांवों के लोगों को एक अदद सिलेंडर के लिए कामठी की एजेंसियों के रहमों-करम पर निर्भर रहना पड़ता है.
इस गंभीर मुद्दे को लेकर अब स्थानीय जागरूक नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता पेट्रोलियम मंत्री से सीधा पत्र व्यवहार करने की तैयारी में हैं. मांग की गई है कि, कन्हान-कांद्री-टेकाडी क्षेत्र के लिए तत्काल नई गैस एजेंसी का आवंटन किया जाए, वर्तमान में जो एजेंसियां कामठी से यहाँ आपूर्ति कर रही हैं और जिनकी सेवाएं असंतोषजनक हैं, उन पर सख्त कार्रवाई हो और आपूर्ति विभाग की मिलीभगत की जांच की जाए. यदि शासन-प्रशासन ने इस दिशा में जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, तो क्षेत्र की जनता सडक़ों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी. 30 हजार की आबादी को अब और बंधक बनाकर नहीं रखा जा सकता.