– संविधान चौक पर देंगे धरना
नागपुर :- जिस उद्देश्य के लिए उनकी नियुक्ति की गई थी, उसके अलावा आशा स्वयंसेवकों और समूह प्रवर्तकों को सरकारी कर्मचारियों से भी अधिक जिम्मेदारियां सौंपी जा रही हैं. आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कार्य केआधार पर की जाती है और अप्रैल 2०25 से अब तक उन्हें विभिन्न प्रकार के कार्यों केलिए पारिश्रमिक नहीं मिला है और केंद्र सरकार ने भी पिछले छह महीनों से मानधन नहीं दिया है. लेकिन आशा कार्यकर्ताओं पर नए प्रकार के कार्य थोपे जाने के कारण, नियुक्त कार्यकर्ताओं को पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है और विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे माता एवं शिशु मृत्यु दर में वृद्धि हुई है. इसके साथ ही, मानधन और अन्य पारिश्रमिक समय पर न मिलने के कारण, उन्हें भारी आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और वे आंखों, मस्तिष्क, हृदय और घुटनों की बीमारियों से ग्रस्त हैं, जिनका इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है. बढ़ती महंगाई के कारण शिक्षा, चिकित्सा, विभिन्न करों और घरेलू खर्चों को पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है. सरकार द्वारा इन सभी मुद्दों को नजरअंदाज किए जाने के मद्देनजर, संगइन के अध्यक्ष कॉ. राजेंद्र साठे ने 1 अप्रैल को राज्यव्यापी काम बंद की घोषणा की है.



