एक ही नंबर के 243 नकली नोट! कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा

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नागपुर :- जिला व सत्र न्यायाधीश-16 नितिन जाधव की कोर्ट ने तहसील पुलिस द्वारा 1,21,500 रुपये रकम के 500-500 रुपये के 243 नोटों के साथ गिरफ्तार आरोपियों जमरूल उर्फ मणिरूल हुसैन और काली चौक, जिला मालदा, बंगाल निवासी अजीम शेख को दोषी करार देते हुए 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई; साथ ही 50,000 रुपये का जुर्माना भी ठोका. जुर्माना न भरने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. उल्लेखनीय है कि गुप्त सूचना के आधार पर 6 अगस्त 2025 को तहसील पुलिस ने जमरूल और अजीम को मेयो हॉस्पिटल के पास गार्डलाइन से नकली नोटों के साथ अरेस्ट किया था.

दोनों के पास 500 रुपये के 243 नकली नोट मिले थे. इनकी कुल कीमत 1,21,500 रुपये थी. इनकी छपाई इतनी महीन थी कि बिल्कुल असली नोट लग रहे थे लेकिन सभी नोटों पर एक ही नंबर दर्ज था. पुलिस ने तुरंत सारे नकली नोट जब्त कर दोनों को अरेस्ट कर लिया. जब्त नोटों को नाशिक स्थित भारतीय मुद्रा प्रेस में जांच के लिए भेजा गया. प्रेस से सभी नोट नकली होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई.

जांच पूरी होने के बाद पीआई रसूल शेख ने कोर्ट में चार्जशीट पेश की. सरकार की ओर से 9 गवाहदार पेश किए गए, साथ ही जब्ती पंच व ई सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई. अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक सरकारी वकील एड. अभय जिचकार ने मजबूत दलीलें पेश कीं. इस फैसले से एक कड़ा सामाजिक संदेश भी मिला कि नकली नोटों के प्रचलन में शामिल होने पर कड़ी सजा भुगतनी पड़ सकती है. भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी.