Tuesday, April 28, 2026
spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

ब्रह्मपुरी का ‘ख्रिस्तानंद हॉस्पिटल’ सील, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद 3 मरीजों ने गंवाई आंखों की रोशनी

चंद्रपुर :- चिकित्सा जगत से इस वक्त की एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। जिले के ब्रह्मपुरी तालुका स्थित प्रसिद्ध ख्रिस्तानंद हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला शल्य चिकित्सक ने अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए उसके ऑपरेशन थिएटर और महत्वपूर्ण विभागों को सील कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, कम खर्च में इलाज के लिए मशहूर इस मिशनरी अस्पताल में हाल ही में कुछ मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए गए थे। ऑपरेशन के बाद तीन मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण (Infection) फैल गया, जिससे उनकी आंखों की रोशनी चली गई। इस गंभीर लापरवाही की शिकायत जिला शल्य चिकित्सक कार्यालय तक पहुंची, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।

जांच में खुले नियमों की धज्जियां उड़ाने के राज

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शल्य चिकित्सक ने एक विशेष जांच समिति गठित की। समिति की प्राथमिक जांच में जो खुलासे हुए, वे चौंकाने वाले हैं:

अवैध नेत्र चिकित्सा: अस्पताल के पास नेत्र रोग के लिए अलग से स्वीकृत बेड नहीं थे, फिर भी वहां अवैध रूप से सर्जरी की जा रही थी।

कानूनी उल्लंघन: अस्पताल प्रबंधन पर बॉम्बे नर्सिंग होम एक्ट, 1949 के कड़े नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।

मानकों की अनदेखी: राष्ट्रीय अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया था।

प्रशासन का कड़ा एक्शन

जिला शल्य चिकित्सक डॉ. महादेव चिंचोळे ने सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल का रजिस्ट्रेशन (क्रमांक 108) अगले आदेश तक रद्द कर दिया है। प्रशासन ने अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह सील कर दिया है और अस्पताल प्रशासक फादर शिजो जॉर्ज पनायेलील को इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का नोटिस जारी किया है।

“प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल ओटी सील कर दी गई है और रजिस्ट्रेशन रद्द है। अंतिम रिपोर्ट आने तक यह कार्रवाई जारी रहेगी।”

— डॉ. महादेव चिंचोळे, जिला शल्य चिकित्सक

इस कार्रवाई से जिले के निजी अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि, अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों की सुविधा को देखते हुए फिलहाल ओपीडी (OPD) विभाग को खुला रखा गया है, लेकिन किसी भी प्रकार की सर्जरी या नए दाखिले पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

अंधत्व निवारण के नाम पर हुई इस बड़ी लापरवाही ने अब स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता और निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।


Click above on our news logo to access the Daily E_Newspaper.
For articles or advertisements, contact us at: dineshdamahe86@gmail.com.