– फुटपाथों पर बने खुले चेंबरों से परेशानी
नागपुर :- फुटपाथों पर खुले और खराब रखरखाव वाले चेंबर पैदल चलने वालों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं. रहाटे कॉलोनी, न्यू मनीष नगर, काडबी चौक, जाफर नगर, कपिल नगर, मंगलमूर्ति चौक और गिट्टीखदान सहित कई इलाकों में, चेंबर या तो पूरी तरह खुले हैं, आंशिक रूप से ढके हुए हैं या क्षतिग्रस्त ढक्कनों से लैस हैं. ये खतरे दिन केसमय तो दिखाई देते हैं, लेकिन रात में या मानसून के मौसम में बेहद खतरनाक हो जाते हैं, जब पानी भरने से ये पूरी तरह से छिप जाते हैं. लोगों ने ठोकर लगने की कई घटनाओं की शिाकयत की है.
एक महिला के अनुसार पैदल चलते समय कुछ दिन पहले खुले चेंबर के कारण उसकी लडक़ी चेंबर में गिर गई थी. सौभाग्य से वह बाल-बाल बच गई. रहाटे कॉलोनी के एक निवासी ने कहा, कई फुटपाथों पर चेंबर को ढकने के लिए लकड़ी के तख्ते, ढीली स्लैब या पत्थरों जैसी अस्थायी चीजों का उपयोग किया जाता है, जो वजन के नीचे ढह सकती हैं, जिससे चोटों का खतरा बढ़ जाता है.
अगर यह खतरनाक होता जा रहा है, तो अधिकारियों को इसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए.
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच के समक्ष 2०25 की कार्यवाही में जैसा कि बताया गया, आधिकारिक रिकॉर्ड से पता चलता है कि शहर में 1,53,633 सीवर मैनहोल और 95,571 जल चेंबर कवर हैं. 2०25-26 में, 3,०78 मैनहोल कवर और 2,2०4 जल निकासी चेंबर बदले गए, जिनमें से अधिकांश क्षति एनआईटी, महामेट्रो और बीएसएनएल द्वारा किए गए कार्यों से संबंधित थी. 1 जनवरी, 2०25 से, खुले मैनहोल और नालियों की लगभग 35० शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 338 का समाधान किया गया.
खुले चेंबर न केवल शारीरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि शहर के बुनियादी ढांचे के मानकों पर भी बुरा प्रभाव डालते हैं. इन चेंबरों में उचित व्यवस्था सुनिश्चित करना, टिकाऊ सामग्रियों का उपयोग करना और नियमित निरीक्षण करना दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम हैं.
स्थानीय निवासी अब अधिकारियों से तत्काल सुधारात्मक उपाय करने का आग्रह कर रहे हैं, जिनमें शहरव्यापी फुटपाथों की सफाई और रखरखाव में लापरवाही के लिए कड़ी जवाबदेही शामिल है. समय पर हस्तक्षेप के बिना, ये छोटी-छोटी समस्याएं गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं.