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मामला : यूएलसी भूमि की बिक्री

– 9 करोड़ की स्टांप ड्यूटी की चोरी

नागपुर :- एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि तलेगांव दाभाडे योजना के तहत स्वीकृत गैर-कृषि भूमि की बिक्री न हो पाने के बावजूद उसका विक्रय समझौता कर लिया गया. दिलचस्प बात यह है कि इस भूमि को बाजार मूल्य पर नहीं खरीदा गया. यह समझौता मात्र 5०० रुपये के स्टांप पेपर पर किया गया था. इस मामले में सरकार की 9 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी की चोरी हुई और सरकार को ही धोखा दिया गया. इस बीच, इस मामले में मिली शिकायत के आधार पर लकडग़ंज पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है. वहीं दूसरी ओर, इस अवैध मामले की गहन जांच की मांग उठ रही है, इसलिए राजस्व विभाग और लकडग़ंज पुलिस द्वारा उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रखी जा रही है.

यह मामला मौजा बेसा में जमीन से जुड़ा है. खसरा संख्या 93/4 और 93/5 में स्थित 1.6० हेक्टेयर और 1.21 हेक्टेयर के 2.81 हेक्टेयर भूखंड की खरीद का अनुबंध 3 अक्टूबर, 2०22 को शिवाजीनगर, कोतवाली निवासी बिल्डर रोहन धनरंजन ठाकर द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था. यह अनुबंध मात्र 5०० रुपये के स्टांप पेपर पर किया गया था. इस भूमि का बाजार मूल्य 24०० रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से लगभग 72 करोड़ 59 लाख 17 हजार 8०० रुपये है. उस समय स्टांप शुल्क 7 प्रतिशत की दर से 5 करोड़ 8 लाख 13 हजार रुपये था. इस राशि का स्टांप शुल्क चोरी हो गया है. साथ ही, अब तक जुर्माने के रूप में 5 करोड़ 8 लाख 12 हजार 5०० रुपये का भुगतान किया जाना बाकी है. इस राशि का 86 प्रतिशत, यानी 4 करोड़ 36 लाख 98 हजार 75० रुपये, सरकार को अदा नहीं किया गया है. इस प्रकार यह देखा गया है कि 9 करोड़ 45 लाख 11 हजार 25० रुपये की स्टांप शुल्क की चोरी हुई है. दिलचस्प बात यह है कि 72 करोड़ 59 लाख 17 हजार 8०० रुपये की कीमत वाली जमीन को मात्र 3 करोड़ 5० लाख रुपये में खरीदा गया था. ठगी का बोध होने पर ठाकर ने लकडग़ंज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत की जांच के बाद और वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति से, 23 अप्रैल 2०26 को आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 4०6, 42०, 465, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया.

वर्तमान में नागपुर के इस सबसे बड़े घोटाले के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है, इस पर सभी का ध्यान लगा हुआ है.

सामाजिक कार्यकर्ता उदयसिंह सोहनलाल यादव ने 8 मई, 2०26 को राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, राज्य पंजीकरण महानिरीक्षक एवं स्टाम्प नियंत्रक, नागपुर विभाग के उप पंजीकरण महानिरीक्षक एवं स्टाम्प नियंत्रक, नागपुर शहर के संयुक्त जिला रजिस्ट्रार एवं स्टाम्प कलेक्टर और लकडग़ंज पुलिस को एक ज्ञापन सौंपकर 9 करोड़ रुपये की स्टाम्प ड्यूटी की चोरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इसी तरह की मांग राज्य के उप मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे तथा शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव से भी की गई है. यूएलसी अधिनियम के तहत इस पूरी जमीन की खरीद नहीं की जा सकती. ऐसे में यूएलसी अधिनियम के प्रावधानों की अनदेखी करते हुए खरीद समझौता किया गया. धोखाधड़ी का पता चलते ही खरीदार ने स्वयं शिकायत दर्ज कराई. इसलिए, इस मामले में दर्ज अपराध के अनुसार अब कार्रवाई की जानी चाहिए, ऐसा यादव ने ज्ञापन में यह भी कहा है.

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