चंद्रपुर :- नागपुर परिक्षेत्र के विशेष पुलिस महानिरीक्षक संदीप पाटिल ने मंगलवार को अपराधियों और असामाजिक तत्वों को अंतिम चेतावनी देते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े रुख का संकेत दिया है। पुलिस अब केवल अपराधों की जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नक्सली विचारधारा के डिजिटल प्रसार और उद्योगों को निशाना बनाने वाले संगठित गिरोहों को जड़ से उखाड़ फेंकेगी।
आईजी संदीप पाटिल ने स्पष्ट किया कि जहाल नक्सली कमांडर हिडमा केवल एक अपराधी नहीं, बल्कि प्रतिबंधित संगठन ‘सीपाई (माओवादी)’ का खतरनाक चेहरा है। सोशल मीडिया या सार्वजनिक कार्यक्रमों में उसके गानों पर थिरकना या उसका महिमामंडन करना अब पुलिस की रडार पर है। उन्होंने बताया कि गढ़चिरौली में दर्ज मामले केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि युवाओं को यह समझाने के लिए हैं कि नक्सलियों को ‘हीरो’ बनाने के परिणाम कितने गंभीर हो सकते हैं। पुलिस अब ‘आईबी’ और ‘एनआईए’ के साथ मिलकर यूट्यूब से ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है।
नशामुक्ति और सड़क सुरक्षा पर जोर
पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी ने जानकारी दी कि ‘नशामुक्त चंद्रपुर’ के लिए एमडी और ड्रग्स सप्लायरों के खिलाफ ‘स्ट्राँग ड्राइव’ शुरू की जा रही है। साथ ही, जिले में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 10% कम करने के लिए एक नया ‘ट्रैफिक प्लॅन’ तैयार किया गया है, जिसके लिए 100 अतिरिक्त होमगार्ड्स की मांग की गई है।
118 नागरिकों को लौटाए उनके मोबाइल
इस अवसर पर पुलिस ने अपनी तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए पिछले एक साल में गुम या चोरी हुए 118 मोबाइल फोन बरामद किए। करीब 12.50 लाख रुपये की कीमत के ये मोबाइल आईजी संदीप पाटिल के हाथों उनके मूल मालिकों को सौंपे गए। मोबाइल खोजने के लिए केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया गया।