साहित्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय लेखिकाएँ श्रद्धा जैन और भावना जैन द्वारा संयुक्त रूप से लिखित पुस्तक “नारी : दो धारी तलवार” का भव्य विमोचन शुक्रवार, 15 मई को आयोजित किया जा रहा है। यह पुस्तक केवल एक साहित्यिक रचना नहीं, बल्कि नारी शक्ति, आत्मसम्मान, संघर्ष और जागरूकता का एक सशक्त दस्तावेज है। पुस्तक में नारी जीवन के विभिन्न पहलुओं – सामाजिक बंधन, शिक्षा, आत्मनिर्भरता, निर्णय लेने का अधिकार, सम्मान, अस्मिता, महिला सशक्तिकरण और समाज की सोच – को गहराई और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया गया है। लेखिकाएँ श्रद्धा जैन और भावना जैन पिछले कई वर्षों से शिक्षा, समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। श्रद्धा जैन और भावना जैन श्रध्दा फाँडन्डेशन” के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और महिला उत्थान के कार्यों से जुड़ी हुई हैं तथा पिछले १६ वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। दोनों लेखिकाओं ने मिलकर इस पुस्तक के माध्यम से नारी शक्ति, आत्मसम्मान और जागरूकता का संदेश समाज तक पहुँचाने का प्रयास किया है।
“नारी : दो धारी तलवार” पुस्तक का उद्देश्य महिलाओं को उनकी शक्ति, आत्मविश्वास और अधिकारों का बोध कराना है। यह पुस्तक समाज में सकारात्मक परिवर्तन और महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने का प्रयास करती है। कार्यक्रम में साहित्य, शिक्षा, समाज सेवा तथा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रहेगी। जुनी शुक्रवारी जैन मंदीर में शुक्रवार,15 मई को शाम 6:30 बजे “नारी : दो धारी तलवार” पुस्तक का विमोचन – लेखिकाएँ: श्रद्धा जैन एवं भावना जैन
“नारी केवल ममता का स्वरूप नहीं, बल्कि साहस, आत्मसम्मान और परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति है।” ऐसी जानकारी श्रद्धा और भावना जैन द्वारा दी गयी ।