– कार्यकर्ताओं में नाराजगी, बोले – पार्टी को मजबूत नेतृत्व की जरूरत
यासीन शेख,गोरेगांव :- गोरेगांव तहसील कांग्रेस में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब प्रख्यात कांग्रेस नेता जगदीश येरोला ने तहसील कांग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया। उन्होंने 21 मई को अपना इस्तीफा नव नियुक्त गोंदिया जिला कांग्रेस अध्यक्ष अमर वराडे को सौंपा।
जगदीश येरोला के इस्तीफे की खबर सामने आते ही गोरेगांव कांग्रेस संगठन में खलबली मच गई। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय पर नाराजगी व्यक्त की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि येरोला के नेतृत्व में गोरेगांव तहसील कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा और मजबूती मिली थी।
कार्यकर्ताओं ने बताया कि हाल ही में हुए गोरेगांव नगर पंचायत चुनाव में जगदीश येरोला ने अपने नेतृत्व और रणनीति के दम पर भाजपा जैसी मजबूत पार्टी को कड़ी टक्कर देते हुए सफलता हासिल की थी। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि गोरेगांव में पार्टी संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए जगदीश येरोला जैसे अनुभवी और सक्रिय नेता की आवश्यकता है। इस्तीफे के बाद समर्थकों में निराशा और असंतोष का माहौल देखा जा रहा है।
जगदीश येरोला ने क्या कहा?
इस्तीफे को लेकर जगदीश येरोला ने स्पष्ट किया कि गोंदिया जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अमर वराडे की नियुक्ति हुई है और नए जिला अध्यक्ष को संगठन मजबूत करने के लिए अपनी टीम बनाने तथा नए तहसील अध्यक्ष नियुक्त करने का स्वतंत्र अधिकार होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन्होंने पूरी तरह अपनी स्वेच्छा से लिया है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे अब भी कांग्रेस पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं और पार्टी हित में कार्य करते रहेंगे।
जगदीश येरोला के इस्तीफे के बाद अब गोरेगांव कांग्रेस में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं कार्यकर्ताओं की नाराजगी को देखते हुए आने वाले दिनों में संगठन के भीतर और राजनीतिक हलचल बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।