– सख्त कार्रवाई करने का निर्देश
नागपुर :- मनपा आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने जनगणना कार्य में देरी करने वाले या इस कार्य के लिए कर्मचारियों को छुट्टी देने में आनाकानी करने वाले संस्थानों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि आयुक्त स्वयं जनगणना कार्य पर विशेष ध्यान देते हुए अचानक निरीक्षण करेंगे.
आयुक्त डॉ. विपिन इटनकर ने सोमवार को शहर में चल रही जनगणना की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में अपर आयुक्त अंकित, अपर आयुक्त मुरुगनाथम एम., प्रभारी अपर आयुक्त मिलिंद मेश्राम, सहायक आयुक्त धनंजय जाधव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.
बैठक में आयुक्त डॉ. विपिन ने स्पष्ट किया कि जनगणना का कार्य राष्ट्रीय महत्व का है और संबंधित विभागों के प्रमुखों और विद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों या अन्य सरकारी कार्यालयों के जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल मामले दर्ज किए जाने चाहिए, जिन्होंने अपने कर्मचारियों को इस कार्य के लिए समय पर छुट्टी नहीं दी है. आयुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि संबंधित संस्थानों के प्रमुखों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करके अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाए.
इसके अलावा, उन्होंने बैठक में कड़ी चेतावनी दी कि राष्ट्रीय जनगणना का कार्य एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कर्तव्य है और इस संबंध में किसी भी प्रकार की बाधा या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. नागपुर शहर में जनगणना का कार्य वर्तमान में जारी है , ऐसे में बिना किसी वैध कारण या पूर्व अनुमति के जनगणनाकर्मियों और पर्यवेक्षकों के कार्य को रद्द करने वाले अधिकारियों पर अब सीधी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए जनगणनाकर्मी और पर्यवेक्षक नियुक्त किया जाएगा. उनकी नियुक्ति हो चुकी है और उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है. हालांकि, प्रशासन के संज्ञान में आया है कि कुछ कर्मचारी वास्तविक ड्यूटी पर आए बिना ही विभिन्न सिफारिशों के माध्यम से अपनी जनगणना ड्यूटी रद्द करने का प्रयास कर रहे है. इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए, आयुक्त ने आदेश दिया है कि कोई भी चार्ज अधिकारी या सहायक आयुक्त अपने स्तर पर किसी भी गणनाकर्ता या पर्यवेक्षक की जनगणना ड्यूटी रद्द नहीं कर सकेगा. साथ ही, यदि अत्यंत अपरिहार्य और आपातकालीन स्थिति में किसी कर्मचारी की ड्यूटी रद्द करना आवश्यक हो, तो संबंधित चार्ज अधिकारी के लिए आयुक्त या अतिरिक्त आयुक्त से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा. यदि किसी कर्मचारी की जनगणना ड्यूटी बिना पूर्व अनुमति के रद्द की जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी और उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. यह स्पष्ट किया जाता है कि सभी संबंधितों को इस आदेश का सख्ती से पालन करना चाहिए ताकि राष्ट्र्रय महत्व का यह कार्य समय पर और बिना किसी बाधा के पूरा हो सके.
जनगणना कार्य की गति बढ़ाने पर जोर देते हुए आयुक्त ने नोडल अधिकारियों (जोन) और सहायक आयुक्तों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं. अगले दस दिनों में जनगणना कार्य शत प्रतिशत पूरा करने की जिम्मेदारी इन अधिकारियों को सौंपी गई है. उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.