– रणनीतिक तैयारी तेज; सोनिया गांधी से होगी मुलाकात!
कोलकाता :- राष्ट्रीय राजनीति के कैनवास पर एक ऐसी पटकथा लिखी जा रही जो आने वाले दिनों में देश की सियासत का पूरा भूगोल बदल सकती है। पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों ने क्षेत्रीय क्षत्रपों की ताकत के जिस सबसे मजबूत किले को ढहाया है,उसके बाद अब कांग्रेस से टूटकर बनी पार्टियों के विलय और पुराने दिग्गजों की घर वापसी के प्लान पर शीर्ष स्तर पर बेहद रणनीतिक तरीके से काम शुरू हो चुका है। इस बिसात पर सबसे बड़ा धमाका पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को लेकर हुआ है। प्रामाणिक सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस आलाकमान की ओर से ममता बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस का कांग्रेस में पूर्ण विलय करने का सीधा और बड़ा ऑफर दिया गया है।
संयोग और रणनीति का तकाजा देखिए कि सोमवार को दिल्ली में विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक की बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए ममता बनर्जी भी राजधानी पहुंच रही हैं। माना जा रहा है कि चुनावी पराजय के बाद यह पहला मौका होगा, जब ममता बनर्जी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ सीधे मेज पर बैठेंगी।
तृणमूल कांग्रेस के गहरे दबाव में होने की कई बड़ी वजहें हैं। सत्ता हाथ से जाते ही बंगाल में वर्षों से जारी वर्चस्व और कथित अराजकता का जो माहौल था,उसकी प्रतिक्रिया अब जमीन पर दिखने लगी है। टीएमसी के दूसरे सबसे बड़े नेता अभिषेक बनर्जी तक पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। सत्ता का संरक्षण हटते ही पार्टी में भगदड़ की स्थिति है। तृणमूल के तमाम सांसद, विधायक और जमीनी नेता लगातार कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के संपर्क में बने हुए हैं। अभिषेक बनर्जी के पुराने कार्यबल और रवैये को लेकर पार्टी में जो असंतोष था,वह अब खुलकर सतह पर आने लगा है। ममता यह भली-भांति जानती हैं कि केंद्रीय सत्ता के पूर्ण प्रभाव के सामने प्रादेशिक छत्रप के तौर पर अकेले टिक पाना नामुमकिन है।







