– राणा ने चर्चाओं पर लगाया पूर्णविराम
अमरावती/मुंबई :- अमरावती की पूर्व सांसद नवनीत राणा के एनसीपी (अजीत पवार गुट) में शामिल होकर राज्यसभा जाने की अटकलों पर आखिरकार खुद नवनीत राणा ने ही पूरी तरह से विराम लगा दिया है। पिछले कई दिनों से महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में चल रही दल-बदल की चर्चाओं को खारिज करते हुए नवनीत राणा ने सोशल मीडिया पर एक बेहद स्पष्ट और कड़ा बयान जारी किया है।
राणा ने साफ शब्दों में कहा है कि वे भारतीय जनता पार्टी की एक प्रामाणिक और वफादार कार्यकर्ता हैं और किसी भी पद या राजनीतिक अवसर के लालच में आकर अपनी विचारधारा से समझौता नहीं करेंगी। वे भविष्य में भी भाजपा के लिए ही पूरी निष्ठा से काम करती रहेंगी।
इस पूरे सियासी ड्रामे के पीछे की इनसाइड स्टोरी भी अब सामने आ चुकी है। दरअसल, राज्यसभा की खाली सीट अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कोटे में थी। सूत्रों के मुताबिक, नवनीत राणा इस सीट से राज्यसभा जाने के प्रयास में थीं और इसके लिए उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात भी की थी।
फडणवीस की सलाह पर ही नवनीत राणा ने एनसीपी नेता सुनेत्रा पवार से मुलाकात कर यह सीट भाजपा के लिए छोड़ने का अनुरोध किया था। लेकिन राजनीतिक समीकरणों के चलते एनसीपी ने यह सीट भाजपा को देने से साफ इंकार कर दिया। इसके बजाय, एनसीपी की तरफ से नवनीत राणा के सामने यह शर्त रखी गई कि यदि वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में प्रवेश करती हैं, तो उन्हें राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया जा सकता है।
राणा ने इस ऑफर को पूरी तरह से ठुकराते हुए पार्टी बदलने की शर्त को मानने से इंकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार का आभार माना है, जिन्होंने उन्हें राज्यसभा भेजने की इच्छा जताई थी। लेकिन ‘पद के लिए पाला बदलने’ की राजनीति से दूर रहने का फैसला करते हुए नवनीत राणा ने भाजपा के साथ ही बने रहने का पक्का इरादा जताया है। राणा के इस कदम के बाद जहां उनके दल-बदल की अफवाहों पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है, वहीं महाराष्ट्र की राजनीति में उनके इस कड़े स्टैंड की जमकर चर्चा हो रही है।







