– स्टील कॉइल की आड़ में करोड़ों का नशा
नागपुर :- शहर में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के अभियान के बीच सोमवार तड़के क्राइम ब्रांच की सामाजिक सुरक्षा शाखा ने ऐसी कार्रवाई की, जिसने तस्करों के नए तौर-तरीकों का पर्दाफाश कर दिया। बाहर से स्टील कॉइल ले जा रहा एक ट्रक देखने में सामान्य मालवाहक वाहन लग रहा था, लेकिन जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली तो भीतर छिपा था लाखों रुपये का गांजा। देखते ही देखते ट्रक नशे की तस्करी के बड़े मामले में बदल गया।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नागपुर-हैदराबाद रिंग रोड से गुजरने वाले एक ट्रक के जरिए मादक पदार्थ की बड़ी खेप पहुंचाई जा रही है। सूचना मिलते ही सामाजिक सुरक्षा शाखा की टीम ने पारडी थाना क्षेत्र में जोगिंदर सिंह ढाबा के सामने जाल बिछाया। सुबह करीब 4:40 बजे संदिग्ध ट्रक को रोककर जांच शुरू की गई।
तलाशी के दौरान ट्रक से 150.520 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत करीब 37.63 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से ट्रक, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किया। कार्रवाई में जब्त कुल माल की कीमत 1.49 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
इस दौरान पुलिस ने ट्रक में सवार जोगेश धर्मोधर देवूरी (30) और महेंद्र हुरदा देवूरी (40), दोनों निवासी जिला अंगुल (ओडिशा), को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों गांजे की खेप लेकर जा रहे थे, लेकिन इसका अंतिम ठिकाना कहां था और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है, इसकी जांच अब पुलिस की प्राथमिकता बन गई है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल दो तस्करों तक सीमित नहीं है। जिस तरीके से माल को छिपाकर ले जाया जा रहा था, उससे एक संगठित तस्करी नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। इसी कड़ी को जोड़ने के लिए अब सप्लायर, रिसीवर और वित्तीय लेन-देन की भी जांच शुरू कर दी गई है।
आरोपियों के खिलाफ पारडी पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। क्राइम ब्रांच का कहना है कि शहर को नशामुक्त बनाने के लिए ऐसे नेटवर्क पर लगातार प्रहार जारी रहेगा और तस्करी में शामिल हर कड़ी तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा।







