– भोपाल में नहीं मिले वेंटिलेशन-इमरजेंसी एग्जिट
लखनऊ :- कोचिंग अग्निकांड के बाद इंदौर में भी कोचिंग सेंटर्स की जांच शुरू हो गई है। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने 23 संस्थानों को सील कर दिया। इनमें 18 कोचिंग-लाइब्रेरी जबकि 5 होटल, रेस्टोरेंट, ऑफिस हैं। शिवपुरी में भी 12 कोचिंग संस्थानों को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है। इनमें फायर सेफ्टी के इंतजाम और फायर एनओसी नहीं मिली।
भोपाल में भी फायर ऑफिसर सौरभ कुमार पटेल के नेतृत्व में एक टीम कोचिंग संस्थानों की जांच करने पहुंची। टीम ने बेसमेंट, इमरजेंसी एग्जिट गेट और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों की बारीकी से जांच की। कई सेंटर्स में वेंटिलेशन की कमी पाई गई। इमरजेंसी एग्जिट गेट भी मानकों के अनुरूप नहीं मिले।वहीं, ग्वालियर के 1050 से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स में से केवल 4 संस्थानों के पास ही फायर सेफ्टी से जुड़ी वैध एनओसी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मिले।
इंदौर में टीम ने कोचिंग सेंटर्स के साथ शहर के प्रमुख व्यावसायिक परिसरों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड और भंवरकुआं क्षेत्र के कई व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी व्यवस्था जांची गई।
जांच के दौरान गीता भवन स्थित केटेलाइजर कोचिंग का इमरजेंसी एग्जिट बंद मिला। इसके साथ ही नुकलियम, रामानुजन, आयाम और इकरथ कोचिंग को सील कर दिया गया है। हालांकि, किसी भी मामले में नहीं की गई है।
निरीक्षण में पाया गया कि कई भवनों में फायर सिस्टम खराब थे। रूल्स मुताबिक उपलब्ध नहीं थे। कुछ जगहों पर फायर सेफ्टी सिस्टम का नियमित रखरखाव भी नहीं किया जा रहा था। प्रशासन ने भवन संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।
बहुमंजिला इमारतों में बंद मिले इमरजेंसी एग्जिट
निरीक्षण के दौरान कई बहुमंजिला इमारतों में इमरजेंसी एग्जिट बंद पाए गए। आग या अन्य आपदा की स्थिति में ऐसे रास्तों का खुला और सुरक्षित होना अनिवार्य है। इमरजेंसी गेट बंद होने से लोगों की सुरक्षित निकासी प्रभावित हो सकती है, जिससे बड़ा खतरा है।




