– जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित
गोंदिया :- जिले में मानसून ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया है कि कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि जैसी स्थिति बन गई है। नदी-नाले उफान पर बहने की वजह से कुछ गांवों का संपर्क शहरों से पूरी तरह कट चुका है , हुई इस लगातार और तूफानी बारिश ने गोंदिया शहर के जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। भीमनगर (सिंगल टोली) और रामनगर को जोड़ने वाले रेलवे अंडरपास में भारी पानी भर जाने से यह प्रमुख मार्ग बंद हो चुका है, जिससे राहगीरों को 3 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाकर अंडरग्राउंड मार्ग से मूसलाधार बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियां उफान पर हैं और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। देवरी तहसील में बाघ नदी पर बने ‘मनोहर सागर मध्यम सिंचाई बांध’ की स्थिति का जायजा लेने के लिए अतिरिक्त जिला अधिकारी अभिजीत घोरपडे स्वयं मौके पर पहुंचे। उनके साथ तहसीलदार धनंजय देशमुख और अन्य उच्च अधिकारियों का अमला भी मौजूद था। अधिकारियों ने बांध की मुख्य दीवार, वेस्टवियर (सांडवा) और तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया तथा आपदा प्रबंधन विभाग को 24 घंटे पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा-यदि वर्षा का यही सिलसिला जारी रहा तो बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए और भी अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल आपदा प्रबंधन की पूरी टीम को ‘मुस्तैद मोड’ पर रखा गया है।
‘जल तांडव’ कई हिस्सों में अतिवृष्टि जैसी स्थिति
जिले में मानसून की बारिश के चलते कई क्षेत्रों में अतिवृष्टि जैसी स्थिति बन गई। हुई लगातार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 53.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई। तहसीलवार आंकड़ों पर नजर डालें तो गोरेगांव में 93.02 मिमी, गोंदिया में 92.3 मिमी, सालेकसा में 92.2 मिमी और आमगांव में 87.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं देवरी में 22.1 मिमी, तिरोड़ा में 17 मिमी, सड़क अर्जुनी में 31.3 मिमी तथा अर्जुनी मोरगांव में 0.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। चार तहसीलों में हुई भारी बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।




