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कलमना मंडी के गड्ढे बने हादसों का कारण

– पानी से भरे गड्ढों में फंस रहे वाहन, किसान-व्यापारी परेशान

नागपूर :- कलमना कृषि उपज मंडी में नाला निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे और अधूरे विकास कार्य अब किसानों, व्यापारियों और ग्राहकों के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनका पता नहीं चल रहा, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ गया है। व्यापारियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की मांग की है।

मंडी परिसर में नाली निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढों में बारिश का पानी जमा हो गया है। ऐसे में अनाज लेकर आने वाले ट्रक और अन्य वाहन गड्ढों में फंस रहे हैं, जबकि पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले एक कार का पहिया भी ऐसे ही पानी से भरे गड्ढे में फंस गया था। समय रहते स्थिति संभाल ली गई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।

बारिश ने विकास कार्यों की खोल दी पोल

पाइप लाइन और नाला निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी सड़क किनारे ही छोड़ दी गई, जिससे पूरी सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है। इसके कारण मंडी में आने वाले किसानों, व्यापारियों और ग्राहकों का आवागमन मुश्किल हो गया है। अनाज व्यापारियों ने बताया कि बारिश के कारण गहरे गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे वाहन चालकों को उनका अंदाजा नहीं लग पाता। मंडी में प्रतिदिन भारी वाहनों की आवाजाही रहती है, ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मंडी में नालियों का निर्माण कार्य पिछले डेढ़ वर्ष से चल रहा है, लेकिन अब तक पूरा नहीं हो सका है। सीमेंट सड़क के किनारे लगाए गए पेवर्स ब्लॉक भी बारिश के पानी की निकासी में बाधा बन रहे हैं, जिससे पानी चेंबर तक नहीं पहुंच पा रहा है।

व्यापारियों का कहना है कि प्रशासन को मानसून शुरू होने से पहले ही निर्माण कार्य पूरा कर लेना चाहिए था। अधूरा काम छोड़ देने से न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।


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