– नागपुर में सुरक्षा दीवारों का सच, नालों के किनारे खतरे की घंटी
नागपूर :- शहर में नदियों और नालों के किनारे रहने वाले हजारों परिवार हर मानसून में बाढ़ के खतरे का सामना कर रहे हैं। नागपुर महानगरपालिका ने सर्वेक्षण में पाया है कि शहर में 29.651 किलोमीटर रिटेनिंग वॉल (सुरक्षात्मक दीवार) या तो क्षतिग्रस्त है या पूरी तरह गायब हो गई है। इसके समाधान के लिए 856.31 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर राज्य के शहरी विकास विभाग को वित्तीय मंजूरी के लिए भेजी गई है।
शहर के महेश नगर स्थित न्यू अहबाब कॉलोनी सहित वेलकम सोसाइटी, सूरज नगर, संगम नगर और गोदावरी कॉलोनी जैसे क्षेत्रों के निवासी वर्षों से जलभराव की समस्या झेल रहे हैं। हर भारी बारिश में नाला उफान पर आ जाता है, जिससे घरों में पानी घुस जाता है और लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। कई बार शिकायतों और चुनावी वादों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।

डीपीआर राज्य सरकार को भेजी गई
मनपा आयुक्त डॉ. विपिन ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण के लिए तैयार डीपीआर राज्य सरकार को भेज दी गई है और निधि मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत रिटेनिंग वॉल के निर्माण और जर्जर पुलों के पुनर्निर्माण से नदी और नालों के किनारे रहने वाले नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। डीपीआर के अनुसार नाग नदी के किनारे 2.84 किमी रिटेनिंग वॉल का पुनर्निर्माण और दो पुलों का पुनर्निर्माण प्रस्तावित है। पिली नदी के किनारे 12.26 किमी नई रिटेनिंग वॉल और एक पुल बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार पिली नदी के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से में वर्तमान में कोई रिटेनिंग वॉल नहीं है, जिससे बाढ़ और कटाव का खतरा अधिक है।
रिहायशी इलाकों में बढ़ रहा बाढ़ का खतरा
इसके अलावा पोरा नदी के किनारे 7.387 किमी रिटेनिंग वॉल, पोरा नदी से जुड़े नालों पर 2.604 किमी रिटेनिंग वॉल तथा एक पुल का पुनर्निर्माण किया जाएगा। वहीं, चांभार नाले के किनारे लगभग 900 मीटर क्षतिग्रस्त रिटेनिंग वॉल का भी पुनर्निर्माण प्रस्तावित है। मनपा अधिकारियों का कहना है कि शहर की जल निकासी व्यवस्था में 16.58 किमी लंबी नाग नदी, 17.42 किमी लंबी पीली नदी, 15.17 किमी लंबी पोरा नदी तथा इनसे जुड़े 227 नाले शामिल हैं। कई स्थानों पर रिटेनिंग वॉल नहीं होने से भारी बारिश के दौरान नालों के उफान, तट कटाव और रिहायशी इलाकों में बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है।




