– वृद्ध महिला से दुष्कर्म और हत्या के आरोपी का 5 दिन पीसीआर
नागपुर :- नागपुर ग्रामीण पुलिस ने तकनीक और पारंपरिक जांच के समन्वय से नौ दिन पुराने एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए घुमंतू वृद्ध महिला से कथित अनैसर्गिक दुष्कर्म और हत्या के आरोपी सुधाकर दादाराव मंडपे (48) को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में विशेष बात यह है कि मृत महिला की पहचान अब तक नहीं हो सकी है, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल पर मिले चिप्स के पैकेट के एक टुकड़े और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही। मंगलवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत (पीसीआर) में भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने बताया कि आरोपी मूल रूप से ब्राह्मणवाड़ा का निवासी है और वर्तमान में सावनेर थाना क्षेत्र के भंसाली टाकली में परिवार के साथ रह रहा था। वह एक ठेकेदार के अधीन सेंट्रिंग का काम करता था। 27 जून को दोपहर करीब 3 बजे वारदात हुई थी। गर्मी और बारिश के कारण 24 घंटे के भीतर शव इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था कि उसकी पहचान संभव नहीं थी। ऐसे में पुलिस ने एआई आधारित ‘मार्वल सिस्टम’ की मदद से मृतका के सिर और चेहरे की संरचना के आधार पर चार संभावित तस्वीरें तैयार कराईं। इन तस्वीरों के आधार पर पूछताछ के दौरान खापरखेड़ा निवासी सामाजिक कार्यकर्ता विनोद भिंगारे ने बताया कि उन्होंने लगभग 15 दिन पहले उक्त महिला को दहेगांव बस स्टैंड पर देखा था और उसकी तस्वीर सावनेर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता हितेश बंसोड को भेजी थी। हितेश के पास मौजूद फोटो और एआई से तैयार तस्वीर का मिलान करने पर लगभग 85 प्रतिशत समानता पाई गई।

सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
इसके बाद पुलिस ने दहेगांव बस स्टैंड क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। एक बस एजेंसी के कार्यालय के कैमरे में महिला दिखाई दी। कार्यालय के कर्मचारी ने बताया कि महिला रास्ता पूछने आई थी। उसी दौरान लाल शर्ट पहने एक व्यक्ति ने उससे बातचीत की और अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर वहां से ले गया। सीसीटीवी में कैद इसी व्यक्ति की एआई से तस्वीर तैयार की गई, जिसका चेहरा आरोपी सुधाकर मंडपे से करीब 85 प्रतिशत मेल खाता पाया गया। घटनास्थल पाटणसावंगी से करीब 15 किलोमीटर दूर एक सुनसान क्षेत्र में पुलिस को पीले रंग के चिप्स के पैकेट का ऊपरी हिस्सा मिला। संबंधित कंपनी के वितरक से पूछताछ में पता चला कि इस प्रकार का पैकेट केवल पाटणसावंगी से खापरखेड़ा मार्ग की आठ दुकानों पर ही सप्लाई किया जाता है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपी के संभावित मार्ग का पता लगाया और तलाश तेज कर दी। मार्वल सिस्टम से तैयार तस्वीर देखने के बाद एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि यह चेहरा सुधाकर मंडपे से मिलता-जुलता है और वह इन दिनों अपनी बेटी के यहां बोखारा में है। सूचना मिलते ही पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल क्र. एमएच-40/आर-5520) भी जब्त कर ली। एसपी पोद्दार ने बताया कि आरोपी की तलाश के लिए 10 से 15 किलोमीटर के दायरे में सक्रिय 52 हजार मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। इनमें से करीब 5 हजार संदिग्ध मोबाइल नंबरों पर विशेष निगरानी रखी गई, लेकिन आरोपी स्वयं मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करता था, जिससे जांच और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई। मृत महिला की पहचान अब भी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के तथा जांच अधिकारी सागर खर्डे के नेतृत्व में की जा रही है।
पहले भी दर्ज हो चुके हैं गंभीर मामले
पुलिस के अनुसार आरोपी ने पूछताछ में घटना के समय शराब के नशे में होने की बात स्वीकार की है। जांच में यह भी सामने आया कि वर्ष 2005 में उस पर एक नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लग चुका है। इसके अलावा वर्ष 2018 में सावनेर थाने में उसके खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें उसे गिरफ्तार भी किया गया था।
एसपी हर्ष पोद्दार ने कहा कि वारदात अत्यंत क्रूर प्रकृति की है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं आरोपी ने पूर्व में भी इसी प्रकार की अन्य घटनाओं को अंजाम तो नहीं दिया। हालांकि, उसकी मानसिक स्थिति को लेकर अभी कोई आधिकारिक चिकित्सकीय निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
मृत महिला की पहचान अब भी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक अनिल म्हस्के तथा जांच अधिकारी सागर खर्डे के नेतृत्व में की जा रही है।




