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बैंकॉक से मुंबई पहुंचा हाइड्रोपोनिक गांजा

– 4.71 करोड़ का माल जब्त, नागपुर का युवक मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार

नागपुर :- मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बैंकॉक से कथित रूप से तस्करी कर लाए गए 13.477 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक वीड (उच्च गुणवत्ता का गांजा) को जब्त किया है। अधिकारियों के अनुसार, जब्त मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 4 करोड़ 71 लाख रुपये है। इस मामले में नागपुर निवासी विकास गणोरकर (30) नामक युवक को गिरफ्तार किया गया है।

कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के बैंकॉक से मुंबई पहुंचने की गोपनीय सूचना पहले ही प्राप्त हो गई थी। सूचना के आधार पर एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई और उसके आगमन पर उसे रोककर ट्रॉली बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग से प्लास्टिक के 14 पैकेट बरामद हुए। पैकेट खोलने पर उनमें पौधों के फल और कलियों जैसा पदार्थ मिला, जिससे तेज गंध आ रही थी। प्रारंभिक जांच में यह पदार्थ हाइड्रोपोनिक वीड (उच्च गुणवत्ता का गांजा) पाया गया।

इसके बाद अधिकारियों ने पूरा माल जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। सीमा शुल्क विभाग ने आरोपी के खिलाफ संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस तस्करी के तार किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़े हो सकते हैं। चूंकि, गिरफ्तार आरोपी नागपुर का निवासी है, इसलिए जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि जब्त मादक पदार्थ की आपूर्ति किसे की जानी थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।

आखिर शहर में कहां से पहुंच रहे हैं मादक पदार्थ?

शहर में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। लगभग हर दिन गांजा, चरस, एमडी (मेफेड्रोन) और अन्य नशीले पदार्थों की खेप जब्त की जा रही है तथा कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। इसके बावजूद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ शहर तक पहुंच कैसे रहे हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि केवल छोटे स्तर के तस्करों और सप्लायरों की गिरफ्तारी से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। जब तक इनकी आपूर्ति करने वाले मुख्य नेटवर्क, वित्तीय स्रोत और अंतरराज्यीय अथवा अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े सरगनाओं तक कार्रवाई नहीं पहुंचती, तब तक इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश लगाना चुनौती बना रहेगा।

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