– शिकारी गैंग का हुआ भंडाफोड़, 1 आरोपी धराया, 3 दोपहिया वाहन किए जब्त
नागपुर :- वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उत्तर उमरेड वन परिक्षेत्र के मौजा उटी में नीलगाय का शिकार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया गया। बुधवार तड़के की गई छापेमारी में एक शिकारी को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया, जबकि अंधेरे का फायदा उठाकर उसके अन्य साथी फरार हो गए। मौके से 3 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं। इस कार्रवाई से वन्यजीव शिकार में सक्रिय गिरोह को बड़ा झटका लगा है। पकड़ा गया आरोपी हेवती, उमरेड निवासी अभिषेक उर्फ अभिशेखर पुनाराम अडोले (38) बताया गया। उसके खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद शासकीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पूजा हिवरकर ने घटनास्थल पर ही नीलगाय के अवशेषों का पोस्टमार्टम किया। फॉरेंसिक जांच के लिए आवश्यक नमूने भी सील कर जब्त किए गए। उप वनसंरक्षक डॉ. विनीता व्यास के मार्गदर्शन तथा सहायक वनसंरक्षक मनोज धनविजय के नेतृत्व में उत्तर उमरेड के वन परिक्षेत्र अधिकारी निलय भोगे, क्षेत्र सहायक राजीव मेश्राम, वनरक्षक वीएस गडेकर, सीवी कोंपले, आरआर चव्हाण, एसआर पेंदाम, एमडी कोरे, वीडी चौधरी तथा वन विभाग एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
अवशेषों की तस्करी की थी तैयारी
वन विभाग को उटी बीट के एक खेत में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी कर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान अभिषेक को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि करीब 4 वर्ष के और लगभग 80 किलो वजनी नर नीलगाय को बंदूक से गोली मारकर शिकार किया गया था। आरोपी नीलगाय की खाल, पैर और मांस काटकर ले जाने की तैयारी में थे, तभी टीम ने दबोच लिया।
फरार आरोपियों की तलाश में विभाग
वन विभाग को आशंका है कि इस शिकार के पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। साथ ही हथियारों के स्रोत और पूरे शिकार रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।




