– 66 किलो से अधिक गांजा जब्त, पांच आरोपी गिरफ्तार
नागपुर :- शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच के सामाजिक सुरक्षा विभाग ने महापालिका के एक ‘स्मार्ट टॉयलेट’ को गांजे के गोदाम के रूप में इस्तेमाल किए जाने का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने नंदनवन और कलमना क्षेत्र में छापेमारी कर 66 किलो 360 ग्राम गांजा जब्त किया है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, दो नाबालिगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना समेत अन्य आरोपी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, ओडिशा से नागपुर में बड़ी मात्रा में गांजे की खेप पहुंचने की गुप्त सूचना मिलने पर सामाजिक सुरक्षा विभाग की टीम ने नंदनवन स्थित केडीके कॉलेज टी-पॉइंट के पास बने स्मार्ट टॉयलेट पर छापा मारा। टॉयलेट की ऊपरी मंजिल से 24 किलो 210 ग्राम गांजा बरामद किया गया। कार्रवाई के दौरान महापालिका के ठेका सफाई कर्मचारी नीलेश अशोक डोरसे को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि वह पहले हत्या और मकोका जैसे गंभीर मामलों का आरोपी रह चुका है और वर्तमान में स्मार्ट टॉयलेट की देखरेख का काम कर रहा था। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि गांजे की खेप ओडिशा से लाई गई थी। नीलेश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कलमना क्षेत्र में छापेमारी कर सूरज उर्फ सूर्यवंशी प्रकाश उईके, अब्दुल साहिल अब्दुल शफीक तथा दो नाबालिगों को हिरासत में लिया। वहां से 42 किलो 150 ग्राम गांजा बरामद किया गया। इस प्रकार दोनों स्थानों से कुल 66 किलो 360 ग्राम गांजा जब्त किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नंदनवन और कलमना थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड ओडिशा निवासी अक्षय है, जो फिलहाल फरार है। इसके अलावा सुमित मनोज भेलावे और अक्षय सूर्यवंशी की भी तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस अंतरराज्यीय गांजा तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई और खुलासे होने की संभावना है। शहर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।




