– 23.19 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार
नागपुर :- आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) नागपुर ने आईसीआईसीआई बैंक के बहुचर्चित गोल्ड लोन धोखाधड़ी मामले में एक और फरार आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शेषनगर, नागपुर निवासी दिनेश कृष्णराव नागपुरे के रूप में हुई है। अदालत ने उसे पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार,आईसीआईसीआई बैंक के जोनल हेड धनंजय रमेश थिटे की शिकायत पर धंतोली थाने में यह मामला दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि जनवरी 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच बैंक की नौ शाखाओं में 159 खाताधारकों ने बैंक अधिकारियों, वैल्यूअर और ऑडिटरों के साथ मिलकर नकली सोने के आभूषण असली बताकर गोल्ड लोन हासिल किया। ऑडिट के दौरान मनीषनगर शाखा में गिरवी रखे गए सोने के आभूषण नकली पाए गए। इसके बाद सभी संबंधित शाखाओं का ऑडिट कराया गया, जिसमें कुल 23 करोड़ 19 लाख 41 हजार 751 रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। इस मामले में बैंक के वैल्यूअर नंदू खरवड़े, ऑडिटर राजेंद्र शिलणकर, प्रमोद टेटे, शाखा प्रबंधक पंकज केकतपुरे, खाताधारक सचिन राऊत सहित कुल 152 खाताधारकों पर आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप हैं। इनके खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आर्थिक अपराध शाखा इससे पहले प्रमोद टेटे, राजेंद्र शिलणकर, पंकज केकतपुरे और नंदू खरवड़े को गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे में फरार चल रहे आरोपी दिनेश नागपुरे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूरे फर्जीवाड़े की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त, आर्थिक अपराध शाखा के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संतोष तोकलवाड़, पुलिस अमलदार राघोजी चिलगर, भाऊराव देशमुख तथा महिला पुलिस हवलदार योगिता पोटभरे की टीम ने की। मामले की आगे की जांच जारी है।




