– कई बस्तियों में रोजमर्रा का सफर बना चुनौती, स्थायी समाधान की मांग तेज
नागपुर :- शहर में लगातार हो रही बारिश ने नागपुर के कई इलाकों में सड़कों की बदहाल स्थिति उजागर कर दी है। नागपुर सुधार प्रन्यास (एनआईटी) के कई लेआउट में कच्ची सड़कें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं, जबकि नागपुर महानगरपालिका के अंतर्गत आने वाले कुछ क्षेत्रों में भी सड़कें फिसलनभरी और दुर्घटनाजन्य बन गई हैं। इससे लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उत्तर नागपुर के एनआईटी लेआउट में लगातार बारिश के कारण कच्ची सड़कें दलदल जैसी हो गई हैं। दोपहिया वाहन फिसल रहे हैं, पैदल चलने वालों को घुटनों तक कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है और आपातकालीन वाहनों को भी अंदरूनी बस्तियों तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों में स्वामी नगर, भक्ति सागर नगर, जय भीम नगर, सांता नगर, धम्मज्योति नगर, मलका कॉलोनी, पटेल नगर, माधव नगर और सम्राट अशोक नगर शामिल हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर मानसून में यही स्थिति बनती है, क्योंकि इन इलाकों में सड़क निर्माण और जल निकासी के कार्य अब तक पूरे नहीं हुए हैं।

प्रभाग क्रमांक-2 के कांग्रेस नगरसेवक दिनेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर नागपुर के हजारों नागरिक वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि हर बारिश में ये इलाके कीचड़ और खराब सड़कों के कारण लगभग कट जाते हैं, लेकिन स्थायी सड़क और जल निकासी व्यवस्था के लिए अब तक प्रभावी कदम नहीं उठाए गये।
नारी गांव के गायकवाड़ लेआउट और मयूर नगर में भी सड़कों और निचले इलाकों में पानी जमा होने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब ड्रेनेज व्यवस्था के कारण हालात और बिगड़ गए हैं। समस्या केवल एनआईटी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। प्रभाग क्रमांक-11 के न्यू मानकापुर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट के सामने की सड़क भी बारिश के बाद कीचड़ से भर गई है और दुर्घटना का कारण बन रही है।
मनपा ने बनाई थी पहले सड़क
स्थानीय निवासी ने बताया कि इस सड़क पर दोपहिया वाहन लगातार फिसल रहे हैं, जबकि कारों को भी निकलने में परेशानी हो रही है। उन्होंने मनपा से मांग की है कि स्थायी मरम्मत होने तक सड़क पर तत्काल मुरूम डाला जाए, ताकि आवागमन सुरक्षित हो सके। उनके अनुसार, सड़क का निर्माण पहले मनपा ने कराया था, लेकिन हाल की बारिश में इसकी हालत खराब हो गई।प्रभावित इलाकों के नागरिकों का कहना है कि फिलहाल जलभराव सीमित है, लेकिन पक्की सड़कों और नियमित रखरखाव के अभाव में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में तेज बारिश हुई तो कीचड़ के साथ जलभराव की समस्या भी गंभीर रूप ले सकती है।
नागरिकों ने एनआईटी और मनपा से मांग की है कि तत्काल मुरूम डालकर, गड्ढे भरकर और जल निकासी व्यवस्था सुधारकर अस्थायी राहत दी जाए। साथ ही वर्षों से लंबित सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि हर मानसून में लोगों को होने वाली परेशानी से स्थायी राहत मिल सके।





