– 200 करोड़ नोटों से होगा ट्रायल,पुराने कागजी नोट भी रहेंगे पूरी तरह वैध
नई दिल्ली :- देश में जल्द ही 10 रुपये और 20 रुपये के प्लास्टिक (पॉलिमर) नोट चलन में दिखाई दे सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) इन दोनों मूल्यवर्ग के 100-100 करोड़ यानी कुल 200 करोड़ पॉलिमर नोटों की छपाई कर उनका पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी।
हालांकि, पॉलिमर नोटों के ट्रायल की शुरुआत कब होगी, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है। यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो आरबीआई भविष्य में अन्य मूल्यवर्ग के नोट भी पॉलिमर सामग्री पर छाप सकता है। इस दौरान मौजूदा कागजी नोट भी पहले की तरह चलन में बने रहेंगे और उन्हें बंद नहीं किया जाएगा। करीब दस दिन पहले भी मीडिया रिपोर्ट्स में संकेत मिले थे कि आरबीआई देश में नई पीढ़ी की करेंसी लाने की दिशा में पहला बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब सरकार की मंजूरी के बाद इस योजना पर तेजी से काम शुरू होने की उम्मीद है।
क्या होते हैं पॉलिमर नोट?
पॉलिमर बैंक नोट कागज की बजाय विशेष प्रकार के प्लास्टिक (पॉलिमर सबस्ट्रेट) पर छापे जाते हैं। ये नोट हल्के, मजबूत और टिकाऊ होते हैं। पानी में भीगने, धूल-मिट्टी और सामान्य टूट-फूट से इन पर बहुत कम असर पड़ता है, जिससे इनकी उम्र कागजी नोटों की तुलना में काफी अधिक होती है।
पॉलिमर नोट लाने के प्रमुख फायदे
• लंबी उम्र: पानी, नमी और गंदगी से जल्दी खराब नहीं होते।
• नकली नोटों पर रोक: उन्नत सुरक्षा फीचर्स के कारण जालसाजी करना बेहद कठिन होगा।
• छपाई खर्च में कमी: लंबे समय तक उपयोग होने से बार-बार नोट छापने की जरूरत कम पड़ेगी। वित्त वर्ष 2024-25 में आरबीआई ने कागजी नोटों की छपाई पर 6,372.8 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
कब तक बाजार में आएंगे नए नोट?
फिलहाल, यह केवल पायलट प्रोजेक्ट है। आरबीआई की नोट प्रिंटिंग इकाई ने पॉलिमर सबस्ट्रेट शीट की आपूर्ति के लिए वैश्विक टेंडर जारी किया है, जिसमें 18 अगस्त तक बोलियां आमंत्रित की गई हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने, कच्चा माल मिलने और नोटों की छपाई के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतारा जाएगा।
पुराने नोट रहेंगे वैध:
सरकार और आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि पॉलिमर नोट आने के बाद भी मौजूदा कागजी नोट बंद नहीं होंगे। दोनों तरह की करेंसी एक साथ चलन में रहेगी और बदलाव धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं हो जाते, तब तक कागजी नोट सामान्य रूप से उपयोग में बने रहेंगे।





