– बारिश में भी आंदोलन पर डटे रहे किसान, आज जिलाधिकारी के साथ संयुक्त बैठक
नगपुर/खापरखेड़ा :- थर्ड आउटर रिंग रोड परियोजना से प्रभावित होने वाले नौ तहसीलों के किसानों ने जमीन की मोजनी (माप) प्रक्रिया का जोरदार विरोध किया। शेतकरी संघर्ष समिति के नेतृत्व में पारशिवनी तहसील के बोरी (रानी) गांव में किसानों ने माप प्रक्रिया रोकने की मांग को लेकर आंदोलन किया। बारिश के बावजूद किसान और पुलिसकर्मी मौके पर डटे रहे।
जमीन की माप के लिए रामटेक के उप विभागीय अधिकारी प्रियेश महाजन, पारशिवनी तहसीलदार, पटवारी, कोतवाल, पुलिस पाटिल के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल और दंगा नियंत्रण दल तैनात किया गया था। हालांकि, प्रभावित किसानों के साथ शेतकरी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों तथा नागपुर ग्रामीण, हिंगना, कुही, उमरेड, कलमेश्वर, सावनेर, पारशिवनी, कामठी और मौदा तहसीलों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर माप प्रक्रिया का विरोध किया। बलीराजा शेतकरी संगठन के प्रतिनिधियों ने भी आंदोलन में हिस्सा लिया। किसानों के कड़े विरोध को देखते हुए एसडीओ प्रियेश महाजन ने जिलाधिकारी से चर्चा की। इसके बाद जिलाधिकारी, एनएमआरडीए अधिकारियों, शेतकरी संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल और प्रभावित किसानों के बीच शुक्रवार को संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में किसानों की मांगों, थर्ड आउटर रिंग रोड परियोजना की विस्तृत जानकारी, जमीन की माप प्रक्रिया तथा उचित एवं न्यायसंगत मुआवजे सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।शेतकरी संघर्ष समिति का कहना है कि किसानों को विश्वास में लेकर और पूरी पारदर्शिता के साथ ही परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। उचित मुआवजा तय होने से पहले जमीन की माप नहीं की जानी चाहिए। समिति ने इस मांग पर अपना रुख स्पष्ट और दृढ़ रखा है।





