– फ्रांस से मुंबई तक दत्तक प्रक्रिया पूरी, सुरक्षित भविष्य की जगी उम्मीद
नागपुर :- बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और स्थायी परिवार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित दत्तक प्रक्रिया को नागपुर में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा), नई दिल्ली की मार्गदर्शक प्रणाली के माध्यम से सात बच्चों के दत्तक आदेश की ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की गई।
जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद के मार्गदर्शन में यह प्रक्रिया सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की गई। इसके तहत फ्रांस के एक, मुंबई के तीन, पुणे के दो और वर्धा के एक, कुल सात बच्चों को दत्तक इच्छुक अभिभावकों का कानूनी परिवार मिला। कुमार आशीर्वाद ने बताया कि महाराष्ट्र में कारा की मार्गदर्शक प्रणाली को ऑनलाइन अपडेट करने की प्रक्रिया नागपुर से किए जाने के कारण दत्तक ग्रहण की दृष्टि से इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऑनलाइन प्रक्रिया से दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, कानूनी अनुपालन, सरलता और कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
इस अवसर पर जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील मेसरे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी मुस्ताक पठान, संरक्षण अधिकारी विनोद शेंडे, कानून एवं परिवीक्षा अधिकारी सुजाता गुल्हाने तथा श्रद्धानंद दत्तक संस्था की ललिता गावंडे और प्रतिमा दिवान सहित दत्तक इच्छुक अभिभावक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय यथासंभव सुरक्षित और पारिवारिक वातावरण में बढ़ने का अवसर उपलब्ध कराना दत्तक प्रक्रिया का प्रमुख उद्देश्य है। दत्तक ग्रहण से बच्चों को केवल परिवार ही नहीं मिलता, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास, भावनात्मक सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए भी मजबूत आधार मिलता है।
नागपुर से पूरी की गई यह ऑनलाइन दत्तक प्रक्रिया बाल संरक्षण एवं पुनर्वास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सात बच्चों को अपना परिवार मिलने से उनके जीवन में नई उम्मीद जगी है और उन्हें सुरक्षित एवं स्थायी भविष्य की दिशा मिली है।





