– बावाजी के कार्यालय में हुई थी फायरिंग की प्लानिंग
नागपुर :- कांग्रेस पार्षद शुभम मोटघरे के घर पर 25 अगस्त को हुई फायरिंग के मामले में क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ है कि फायरिंग की योजना चर्चित अपराधी अशोक यादव उर्फ बावाजी के कार्यालय में बनाई गई थी। पुलिस के अनुसार, ड्रग पेडलर और अपराधी विशाल गुप्ता उर्फ फल्ली ने आरोपियों को चार लाख रुपये में फायरिंग की सुपारी दी थी।
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने अंकुश तोमसकर, अमित ठाकरे, ऋषि नागदेवे, रोमित उर्फ पुल्या वाहणे, केतन माटे, ऋषभ कैथल और कार्तिक तोमसकर को गिरफ्तार किया है। वहीं अशोक बावाजी और फल्ली को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों फिलहाल फरार हैं। जांच में अंकुश ने पुलिस को बताया कि उसे फल्ली को चार लाख रुपये देने थे, लेकिन वह रकम का इंतजाम नहीं कर पा रहा था। इसके बाद फल्ली ने उसे मोटघरे के घर पर फायरिंग करने के लिए कहा और बदले में चार लाख रुपये की रकम माफ करने की बात कही। पुलिस के मुताबिक, बावाजी के कार्यालय में हुई बैठक में फल्ली, अंकुश और उनके साथी मौजूद थे, जहां फायरिंग की योजना बनाई गई। हालांकि, मोटघरे के घर को निशाना बनाने के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ ही इस पहलू की भी जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ पहले से गंभीर मामले दर्ज हैं। फल्ली को हत्या के एक मामले में सजा हो चुकी है और पिछले वर्ष उसके खिलाफ एमपीडीए के तहत कार्रवाई भी की गई थी। अब पुलिस आरोपियों के खिलाफ मोक्का के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है।





