– राज्य सरकार देगा 69.76 करोड़ का हिस्सा,जारी किया शासनादेश
नागपुर :- नाग नदी प्रदूषण नियंत्रण परियोजना के लिए महाराष्ट्र सरकार ने 69.76 करोड़ रुपये का अपना मैचिंग शेयर जारी करने को मंजूरी दे दी है। राज्य के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने शासनादेश जारी कर यह राशि केंद्र प्रायोजित परियोजना के सिंगल नोडल अकाउंट (एसएनए) में जमा करने की मंजूरी दी। इससे केंद्र के पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) पोर्टल पर दर्ज फंडिंग की कमी को दूर करने का रास्ता साफ हो गया है।
केंद्र सरकार ने 30 जून 2025 को इस परियोजना के लिए 167.44 करोड़ रुपये जारी किए थे। यह राशि पहले राज्य की संचित निधि में जमा हुई और निर्धारित प्रक्रिया के तहत परियोजना के एसएनए में स्थानांतरित की गई। बाद में केंद्र की एसएनए-स्पर्श व्यवस्था के प्रावधानों के अनुसार यह राशि केंद्र को वापस कर दी गई। हालांकि, राज्य का निर्धारित मैचिंग शेयर एसएनए में जमा नहीं होने के कारण पीएफएमएस पोर्टल पर 69.76 करोड़ रुपये की कमी दर्ज हो गई थी। अब राज्य सरकार ने इस कमी को दूर करने के लिए 69.76 करोड़ रुपये सीधे परियोजना के एसएनए में जमा करने का निर्णय लिया है। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत यह राशि राज्य की संचित निधि में वापस जमा की जाएगी।
1,927 करोड़ रुपये की है परियोजना
नाग नदी प्रदूषण नियंत्रण परियोजना को राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय (एनआरसीडी) ने मार्च 2023 में प्रशासनिक मंजूरी दी थी। परियोजना की अनुमानित लागत 1,927 करोड़ रुपये है। इसमें परियोजना प्रबंधन परामर्श के लिए 78 करोड़ रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि 120 करोड़ रुपये की सेंचेज राशि का भुगतान राज्य सरकार और नागपुर महानगरपालिका द्वारा संयुक्त रूप से किया जाना है। परियोजना के शेष कार्यों के लिए वित्तीय हिस्सेदारी का अनुपात केंद्र सरकार का 60 प्रतिशत, राज्य सरकार का 25 प्रतिशत और नागपुर महानगरपालिका का 15 प्रतिशत निर्धारित है।
2026-27 के बजट से होगा खर्च
शासनादेश के अनुसार राज्य का 69.76 करोड़ रुपये का हिस्सा परियोजना के एसएनए में जमा किया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसे राज्य की संचित निधि में वापस स्थानांतरित किया जाएगा। इस राशि का खर्च वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के लिए स्वीकृत प्रावधान से किया जाएगा। इससे नाग नदी प्रदूषण नियंत्रण परियोजना के वित्तीय प्रबंधन में सामने आई कमी को दूर करने में मदद मिलेगी।





