◼️’पर्यटन जिला’ की घोषणा अंत नहीं!
◼️बल्कि विकास के एक नए युग की शुरुआत
सचिन चौरसिया, रामटेक :- 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिन नागपुर और जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक महत्व रखता है। राज्य सरकार ने 15 सितंबर को नागपुर जिले को ‘पर्यटन जिला’ घोषित किया है। यह निर्णय नागपुर की पर्यटन क्षमता और जिले के पर्यटन विकास को एक नई दिशा देता है। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन मित्र चंद्रपाल चौकसे ने कहा कि पर्यटन रोजगार बढ़ाने का एक अच्छा माध्यम है। महाराष्ट्र की उपराजधानी, संतरा शहर और बाघ राजधानी के रूप में प्रसिद्ध नागपुर को अब ‘पर्यटन जिला’ के रूप में एक नई पहचान मिली है। सरकार के इस निर्णय से नागपुर को नया अर्थ प्राप्त हुआ है।
◼️पर्यटन की विशाल विविधता
नागपुर जिला विभिन्न प्रकार के पर्यटन का संगम है। रामटेक, दीक्षाभूमि, जीरो माइल, गोंड और भोसले काल की इमारतों और किलों के ऐतिहासिक धरोहर स्थलों के साथ-साथ पेंच राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव पर्यटन, उमरेड-कन्हांड वन्यजीव पार्क, खिंडसी का जल क्रीड़ा पर्यटन, लोक कला, हस्तशिल्प और आदिवासी संस्कृति को मिलाकर नागपुर देश का एक महत्वपूर्ण बहुआयामी पर्यटन केंद्र बन सकता है, ऐसा चौकसे ने कहा। सरकार के जी.आई. में भी नागपुर की इस प्राकृतिक, ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है।
◼️रामटेक-खिंडसी मनसर पेंच एक प्रभावी पर्यटन सर्किट
रामटेक का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व, खिंडसी के जल क्रीड़ा और मनोरंजक पर्यटन, मानसर में वाकाटक काल के उत्खनन और पेंच क्षेत्र में वन्यजीव पर्यटन को मिलाकर एक सुनियोजित ‘रामटेक खिंडसी मानसर पेंच पर्यटन सर्किट’ बनाया जा सकता है। इससे होटल, रेस्टॉरंट, परिवहन, होमस्टे, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और पर्यटन से जुड़े छोटे उद्यमियों को लाभ होगा।
◼️ पर्यटन रोजगार का एक प्रमुख स्रोत
पर्यटन को केवल मनोरंजन का साधन नहीं माना जा सकता। पर्यटन एक प्रभावी क्षेत्र बन सकता है जो स्थानीय रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे। युवाओं को पर्यटन मार्गदर्शक, जल क्रीड़ा, साहसिक पर्यटन, होटल प्रबंधन, होमस्टे, परिवहन, फोटोग्राफी, डिजिटल मार्केटिंग और स्थानीय खान-पान की संस्कृति में प्रशिक्षण देकर बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं। महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय भोजन, हस्तशिल्प और पर्यटकों के लिए आवश्यक सेवाओं से जोड़कर समाज के व्यापक वर्गों तक पहुंचा जा सकता है।
अब घोषणा से कार्रवाई तक
‘पर्यटन जिला’ की घोषणा अंत नहीं बल्कि विकास के एक नए युग की शुरुआत है। इसके लिए चौकसे ने कहा कि नागपुर जिले के लिए एक अलग ‘पर्यटन मास्टर प्लान’ तैयार करने की आवश्यकता है। इस योजना में पर्यटन स्थलों की श्रेणी, आवश्यक बुनियादी ढांचा, पर्यटन सर्किट, निवेश, रोजगार, प्रशिक्षण और प्रचार शामिल होने चाहिए।



